अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच कई स्थानों पर आमने-सामने होने की खबरों के बाद भारत का बयान
भारत इंफो, नई दिल्ली
भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तनाव को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जब चीनी सैनिक स्थापित गश्त के तय तौर-तरीकों से हटकर गतिविधियां करते हैं, तो सीमा पर स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है। मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक ने अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमने-सामने की स्थिति बने रहने की बात कही है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि दोनों देश सीमा से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी और किसी गलत आकलन से बचने के लिए मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्र के माध्यम से बातचीत जारी रखे हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के समग्र विकास के लिए बेहद जरूरी है।
ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने 22 अक्टूबर को राजस्थान के अलवर में बल के जवानों को संबोधित करते हुए कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच आमना-सामना हुआ है और ऐसी स्थिति अभी भी बनी हुई है। उन्होंने इन परिस्थितियों में ITBP की नवगठित शौर्य कमांडो टीमों के प्रदर्शन की सराहना की। कपूर के बयान को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे अरुणाचल प्रदेश में जारी सीमा संबंधी टकराव की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि हुई है। इससे पहले जुलाई और अगस्त में तवांग से अलग, ऊपरी सुबनसिरी जिले के तक्सिंग क्षेत्र के आसपास भी गश्ती दलों के आमने-सामने आने की खबरें सामने आई थीं। सितंबर में दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने वाचा-दमाई सीमा बैठक स्थल पर भी बातचीत की थी।
2020 के गलवान संघर्ष के बाद संबंधों को सामान्य बनाने की कोशिश
भारत और चीन के संबंध जून 2020 में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे। अक्टूबर 2024 में सीमा पर कुछ विवादित क्षेत्रों में सैनिकों की वापसी और गश्त से संबंधित सहमति के बाद संबंधों को स्थिर करने के प्रयास तेज हुए। दोनों देशों के नेताओं की मुलाकातों और विभिन्न स्तरों पर बातचीत के बावजूद सीमा प्रबंधन से जुड़े मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के ताजा बयान से स्पष्ट है कि भारत सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बातचीत और सैन्य संपर्क तंत्र को जारी रखने के पक्ष में है। हालांकि, मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश में जारी आमने-सामने की घटनाओं के स्थानों, उनकी प्रकृति या मौजूदा स्थिति के विस्तृत परिचालन संबंधी ब्योरे साझा नहीं किए हैं।