CBI जांच की मांग को लेकर मृतक की बहन ने खटखटाया था हाईकोर्ट का दरवाजा, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में होगा
भारत इंफो, चंडीगढ़/मानसा
पंजाब के मानसा जिले के गांव भम्मे कलां निवासी दलजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। अदालत ने दलजीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित PGI (पीजीआई) में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पोस्टमार्टम के बाद चंडीगढ़ के सेक्टर-25 स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार करवाने का आदेश दिया है।
परिवार की ओर से मामले की निष्पक्ष जांच और सीबीआई से जांच करवाने की मांग उठाई गई थी। मृतक की बहन अमरजीत कौर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मौत की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। अदालत ने निर्देश दिया है कि शव 15 घंटे के भीतर पीजीआई प्रशासन को सौंपा जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की जाएगी। पंजाब और चंडीगढ़ के डीजीपी को पूरी प्रक्रिया के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अंतिम संस्कार में केवल परिवार के सदस्य और करीबी लोग शामिल हो सकेंगे। राजनीतिक नेताओं और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
अंतिम संस्कार को लेकर परिवार की अलग राय
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह भी सामने आई है कि मृतक की बहन अमरजीत कौर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें अभी हाईकोर्ट के आदेश की प्रति नहीं मिली है। उन्होंने चंडीगढ़ में अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए अपने पैतृक गांव भम्मे कलां में ही रिश्तेदारों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार करने की बात कही है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय दलजीत सिंह का शव 27 अक्टूबर की सुबह मानसा जिले के रमनांडी गांव के नजदीक खेतों में मिला था। परिवार ने मौत के पीछे नशे की ओवरडोज की आशंका जताते हुए क्षेत्र में नशे की उपलब्धता पर सवाल उठाए थे। इस मामले में पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है। परिवार ने निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की मांग की है। अब सभी की नजरें पीजीआई में होने वाले पोस्टमार्टम और हाईकोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दलजीत सिंह की मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।