पाकिस्तान की ‘फॉर्म-47 सरकार’ पर साधा निशाना, भारत के खिलाफ दुष्प्रचार करने का लगाया आरोप
भारत इंफो, नई दिल्ली।
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि देश की वास्तविक सत्ता पाकिस्तानी सेना के हाथों में है और वहां की सरकार सेना के निर्देशों को चुनौती देने का साहस नहीं कर सकती। भारत ने पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र में भारत की छवि खराब करने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप भी लगाया।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघू पुरी ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में अल्पसंख्यक मुद्दों पर विशेष प्रतिवेदक के साथ संवाद के दौरान पाकिस्तान की कोशिशों पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद भारत के बारे में भ्रामक और दुष्प्रचारपूर्ण तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रहा है।
आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप
रघू पुरी के अनुसार, पाकिस्तान की ऐसी कोशिशों का उद्देश्य अपने देश की गंभीर आंतरिक समस्याओं से अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान हटाना है। इन समस्याओं में आर्थिक संकट, कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और मानवाधिकारों के उल्लंघन जैसे मुद्दे शामिल हैं। भारत ने पाकिस्तान की सरकार को ‘फॉर्म-47 सरकार’ बताते हुए उसकी वैधता पर भी सवाल उठाए। भारत की टिप्पणी में कहा गया कि पाकिस्तान की सरकार देश की वास्तविक सत्ता यानी सेना के निर्देशों से आगे जाने का साहस नहीं कर सकती।
क्या है पाकिस्तान का फॉर्म-47 विवाद?
पाकिस्तान में फॉर्म-47 एक आधिकारिक चुनावी दस्तावेज है, जिसमें किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के समेकित परिणाम दर्ज किए जाते हैं। फरवरी 2024 में हुए आम चुनावों के बाद चुनावी धांधली और अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगे थे। आलोचकों ने आधिकारिक चुनाव परिणामों पर सवाल उठाने के लिए ‘फॉर्म-47’ का उल्लेख किया था।
इसी विवाद की पृष्ठभूमि में भारत ने पाकिस्तान की सरकार पर निशाना साधते हुए उसे सेना के प्रभाव में काम करने वाली सरकार के रूप में पेश किया। संयुक्त राष्ट्र में भारत का यह बयान दोनों देशों के बीच जारी कूटनीतिक और राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।