भारत इंफो, चंडीगढ़
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया कि वह उनके खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति (DA) के मामले को ड्रग तस्करी के मामले के रूप में पेश कर पंजाबियों को गुमराह कर रहे हैं। मजीठिया ने पंजाब सरकार को चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ नशा तस्करी से जुड़े आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत हैं, तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय अदालत में पेश किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मजीठिया ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का नेतृत्व पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बार-बार उनके मामले को नशा तस्करी से जोड़ रहा है। मजीठिया ने वर्ष 2018 में केजरीवाल की ओर से उनके खिलाफ नशे से जुड़े आरोपों पर माफी मांगने के घटनाक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए अब उन्हीं आरोपों को दोबारा उठाया जा रहा है।
सरकार अदालत में पेश करे सबूत
मजीठिया ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही के दौरान सरकार के आरोपों पर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास उनके और नशा तस्करी के बीच किसी तरह का संबंध साबित करने वाले साक्ष्य हैं, तो उन्हें अदालत के सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने वकील डी.एस. सोबती का हवाला देते हुए कहा कि अदालत में सभी तथ्यों को रखा गया है और सच तथा झूठ के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है। मजीठिया ने दावा किया कि उनके खिलाफ नशा तस्करी के मामले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध स्थापित नहीं किया जा सका है।
736 करोड़ रुपये के कथित ड्रग मनी पर भी उठाए सवाल
मजीठिया ने अपने और 736 करोड़ रुपये की कथित ड्रग मनी के बीच संबंध को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक इस संबंध को साबित करने के लिए ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए चार विशेष जांच दल (SIT) गठित किए गए, लेकिन जिन आरोपों को वह चुनौती दे रहे हैं, उन्हें ठोस रूप से साबित नहीं किया जा सका है।