हमारी सरकार की नीयत साफ़ है, हम लोगों का पैसा लोगों को ही लौटा रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भाजपा, अकाली और कांग्रेस जनहितैषी मुफ्त सुविधाएं बंद करने की धमकियां दे रहे
साढ़े चार साल में मेरिट के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दीं
25 साल राज करने का दावा करने वाले अकालियों को आज 5 समर्थक भी नहीं मिल रहे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
भारत इंफो, नकोदर (जालंधर)
प्रदेश के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि 1 नवंबर को महिलाओं के मोबाइल फोन पर एक बार फिर ‘टूं-टूं’ के संदेश गूंजेंगे, क्योंकि उनकी सरकार पहली नवंबर को ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ की अगली किस्त जारी करने जा रही है। उन्होंने लोगों का पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के अंतर्गत आने वाले गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने जनता के पैसे से अपने खज़ाने भरे और अब भाजपा, अकाली तथा कांग्रेसी हमारी शुरू की गई जनहितैषी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रहे हैं।
अपनी सरकार का रिकॉर्ड पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि साढ़े चार वर्षों के दौरान पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और अब गरीब परिवारों के बच्चे भी डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास ही सरकार की असली ताकत है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन के माध्यम से पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने के अपने संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “जालंधर जिले के विधानसभा क्षेत्र नकोदर के गांव सरींह में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान बड़ी सभा को संबोधित किया। लोगों का हम पर विश्वास और प्यार ही हमारी असली ताकत है। विरोधियों की पिछली सरकारों ने केवल लोगों को लूटा, लेकिन हमारी सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना और लोगों को भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन देना है। हम शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं, ताकि आम परिवारों के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें और बड़े अधिकारी बन सकें। पंजाबवासियों से किए वादे के अनुसार हम ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, “हमारी नीयत बिल्कुल साफ़ है और हमारी नीतियां कल्याण तथा विकासोन्मुखी पहलों के माध्यम से लोगों का पैसा लोगों को लौटाने की दिशा में केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि अपने निजी हितों की पूर्ति के लिए सार्वजनिक संसाधनों की लूट करने वाली पिछली सरकारों के विपरीत हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी सुविधाओं का लाभ आम घरों तक पहुंचे।”
भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ये पार्टियां आम परिवारों को राहत देने वाली इन पहलों की सराहना करने के बजाय कल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की धमकियां दे रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उन्हें मिल रहे इन लाभों से वंचित करने के प्रयासों को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा मुझे कुर्सी से हटाने के एकमात्र उद्देश्य से फ्रेंडली मैच खेल रही हैं।”
रोजगार के क्षेत्र में सरकार के रिकॉर्ड का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया, “साढ़े चार साल से अधिक समय में हमने युवाओं को बिना किसी भेदभाव और पूरी तरह मेरिट के आधार पर 70,862 सरकारी नौकरियां दी हैं। हमने सिफारिश और भ्रष्टाचार की संस्कृति को पारदर्शिता और समान अवसरों में बदलने का प्रयास किया है, जिसके चलते आम परिवारों के योग्य उम्मीदवार आज सरकारी नौकरियां हासिल कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षकों के पढ़ाने के कौशल को निखारने और बेहतर शैक्षिक पद्धतियों को अपनाने के लिए उन्हें फिनलैंड, सिंगापुर और आईआईएम जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में भेजा जा रहा है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल और अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सुव्यवस्थित अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केवल लाल कार्ड या नीला कार्ड किसी परिवार को गरीबी से बाहर नहीं निकाल सकता, बल्कि शिक्षा ही वह साधन है, जो पीढ़ियों की तकदीर बदल सकती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “अब साधारण पृष्ठभूमि वाले बच्चे यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल अमीरों की जागीर नहीं है। यही वह वास्तविक बदलाव है जो हम पंजाब में लाना चाहते थे। पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल रहा है, जिससे बढ़ते घरेलू खर्चों से जूझ रहे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने उन पात्र परिवारों से भी अपने स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की अपील की, जो अभी तक ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पंजीकृत नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया, “अब तक लगभग 54 लाख परिवारों के स्वास्थ्य कार्ड बनाए जा चुके हैं।”
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार नहरों और पाइपलाइनों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए सिंचाई ढाँचे को लगातार मजबूत कर रही है। लगभग 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें बिछाई गई हैं और सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक 18,000 क्यूसेक पानी पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नहरी सिंचाई तक अधिकतम पहुँच से भूजल पर निर्भरता कम होगी और किसानों को निर्बाध पानी की आपूर्ति मिल सकेगी।”
अकाली नेतृत्व पर तीखा निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो कभी पंजाब पर 25 साल शासन करने का दावा करते थे, आज उन्हें लोगों का समर्थन जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।” मुख्यमंत्री ने अकाली दल के बदलते राजनीतिक रुख की आलोचना की और भाजपा को किसान-विरोधी करार देने के बाद अब उसी के साथ फिर गठबंधन करने के प्रयासों पर सवाल उठाए।कांग्रेस की आंतरिक कलह की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “विरोधी पार्टियां पंजाब के लिए एक भरोसेमंद एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक जोड़-तोड़ और नेतृत्व की खींचतान में ज्यादा उलझी हुई हैं।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया, “हमारी सरकार महिला सशक्तिकरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सस्ती बिजली और सिंचाई पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगी।