Wednesday, October 28, 2026
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केसी वेणुगोपाल पंजाब में करेंगे वरिष्ठ नेताओं और जिला प्रधानों के साथ बैठक

2027 चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस

नवंबर में तीन साइकिल यात्राओं की भी तैयारी

भारत इंफो, जालंधर

पंजाब में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल पंजाब पहुंच रहे हैं वह 26 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और जिला प्रधानों के साथ बैठक कर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वेणुगोपाल के दौरे का मुख्य उद्देश्य पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा चुनावी रणनीति को धार देना है। बैठकों में पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक स्थिति और जमीनी स्तर पर चल रही गतिविधियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।

 

परगट सिंह के नेतृत्व में संगठन मजबूत करने पर जोर

पंजाब कांग्रेस की कमान परगट सिंह को सौंपे जाने के बाद पार्टी आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति तैयार करने में जुटी है। ऐसे में वेणुगोपाल का यह दौरा प्रदेश नेतृत्व के लिए अहम माना जा रहा है। बैठक में वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय, जिला स्तर पर संगठन की सक्रियता और जनता से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने पर जोर रह सकता है।

 

नवंबर में तीन साइकिल यात्राओं की भी तैयारी

पंजाब कांग्रेस नवंबर में माझा, मालवा और दोआबा क्षेत्रों में तीन साइकिल यात्राएं निकालने की योजना बना रही है। प्रत्येक यात्रा 10 दिनों की प्रस्तावित है। इनके जरिए पार्टी कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर हिंसा और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं की हत्याओं जैसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रही है। इन यात्राओं की योजना पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में पार्टी की चुनाव अभियान समिति की बैठक में भी चर्चा हुई थी। अब वेणुगोपाल की बैठकों को 2027 के चुनाव के लिए कांग्रेस की व्यापक रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के सामने जहां जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की चुनौती है, वहीं पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना भी अहम होगा। आने वाले महीनों में कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियां और जनसंपर्क अभियान चुनावी मुकाबले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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