30 अक्टूबर को किसान-मजदूरों समेत संघर्षशील संगठनों की आपात बैठक, गिरफ्तार नेताओं की रिहाई तक सरकार से बातचीत नहीं
भारत इंफो, मानसा
परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने और पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे आंदोलन को तेज करने के लिए एक्शन कमेटी ने संघर्ष का अगला चरण घोषित कर दिया है। कमेटी ने 31 अक्टूबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों और विधायकों के आवासों के बाहर 24 घंटे के धरने लगाने का ऐलान किया है। इस फैसले के साथ ही आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
एक्शन कमेटी ने 30 अक्टूबर को किसान, मजदूर, कर्मचारी, विद्यार्थी और आंदोलन में शामिल अन्य संगठनों की आपात बैठक भी बुलाई है। इस बैठक में आगे की रणनीति तय करने, विभिन्न संगठनों के बीच तालमेल मजबूत करने और 31 अक्टूबर के धरनों की तैयारियों को अंतिम रूप देने पर चर्चा होगी।
एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार के साथ बातचीत करने से भी इनकार किया है। कमेटी का कहना है कि जब तक उसके नेताओं और आंदोलन में शामिल अन्य संगठनों के गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। नेताओं ने गिरफ्तार साथियों की रिहाई को बातचीत के लिए पहली शर्त बताया। बैठक में परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी और उनकी पत्नी मनप्रीत कौर सहित एक्शन कमेटी के नेता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।