एशियन चैंपियंस ट्रॉफी से पहले महान हॉकी खिलाड़ी को श्रद्धांजलि; पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किया तैयार
भारत इंफो, जालंधर
भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ियों में शुमार ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा की स्मृति में सोमवार को जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में उनकी आदमकद कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया। पुरुष एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले आयोजित इस समारोह में हॉकी जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रशासनिक अधिकारियों और ओलंपियनों ने महान खिलाड़ी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रतिमा का संयुक्त रूप से अनावरण हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया, पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह, एसएसपी विजिलेंस ब्यूरो ओलंपियन हरप्रीत सिंह मंडेर और बलजीत सिंह ढिल्लों, अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी जगदीप सिंह गिल तथा पटियाला स्थित फिजिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. हरमनप्रीत कौर ने किया।
करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का नवीनीकरण
पंजाब सरकार ने इस स्टेडियम को पहले ही महान ओलंपियन सुरजीत सिंह के नाम समर्पित कर दिया था। अब सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च कर स्टेडियम का नवीनीकरण किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। आधुनिक खेल सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेडियम क्षेत्र में हॉकी को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
1975 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के रहे नायक ओलंपियन सुरजीत सिंह रंधावा भारतीय हॉकी के बेहतरीन डिफेंडरों में गिने जाते थे। अपनी असाधारण रक्षात्मक क्षमता और शानदार खेल के लिए प्रसिद्ध सुरजीत सिंह ने 1976 के मॉन्ट्रियल ओलंपिक, दो विश्व कप और 1974 तथा 1978 के एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उनके करियर का सबसे यादगार पड़ाव वर्ष 1975 में आया, जब कुआलालंपुर में आयोजित हॉकी विश्व कप में भारत ने ऐतिहासिक खिताबी जीत दर्ज की। इस उपलब्धि में सुरजीत सिंह की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। खेलों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।