पीड़ित परिवारों से की मुलाकात, लुधियाना में दशहरा समारोह में शामिल हुए केंद्रीय गृह मंत्री
दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया
भारत इंफो, लुधियाना/मानसा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब के नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से गुलजार सिंह और बिक्रमजीत सिंह की मौत से जुड़े मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की अपील की। शाह ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
अमित शाह मंगलवार को पंजाब के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में तीनों पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इन मुलाकातों के दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और पंजाब को नशामुक्त बनाने का भरोसा दिया।
झोटा मामले में 120 दिन में जांच पूरी करने का भरोसा
अमित शाह ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने परिवार को भरोसा दिया कि बुधवार दोपहर 12 बजे तक CBI की टीम मानसा पहुंचकर जांच शुरू करेगी और 120 दिनों में मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
बिक्रमजीत सिंह और गुलजार सिंह के मामलों पर भी जोर
अमित शाह ने गुरदासपुर जिले के मरी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की। बिक्रमजीत की 15 अक्टूबर को कथित तौर पर नशा तस्करी का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी। उनके परिजनों ने भी न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इसके बाद शाह संगरूर जिले के तूर बनजारा गांव पहुंचे, जहां उन्होंने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात की। गुलजार सिंह की 7 सितंबर को कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी। उनके परिवार का आरोप है कि गांव में कथित तौर पर नशे की बिक्री और आपूर्ति का मुद्दा उठाने तथा वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से सवाल करने के बाद उन पर दबाव बनाया गया और उन्हें अपमानित किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। शाह ने इन दोनों मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की अपील करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मौत के मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
मान सरकार पर साधा निशाना
अमित शाह ने पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के तरीके को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय केंद्र सरकार पर आरोप लगाती रही है। उन्होंने गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी का भी उल्लेख किया। शाह ने दोहराया कि केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 दिसंबर, 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार हो सकता है, जब देश नशे से मुक्त होगा।
दशहरा समारोह में शामिल हुए अमित शाह
गृह मंत्री ने लुधियाना के दरेसी मैदान में आयोजित दशहरा समारोह में भी हिस्सा लिया। उन्होंने लंबे समय से दशहरा मनाने की परंपरा को बनाए रखने के लिए रामलीला समिति की सराहना की। इस दौरान रावण के पुतले का दहन रिमोट कंट्रोल के माध्यम से किया गया। शाह ने कहा कि रावण दहन का वास्तविक दृश्य देखना हो तो दरेसी मैदान आना चाहिए। इस बार समारोह में रावण दहन को पंजाब में नशे की समस्या के प्रतीकात्मक विरोध से भी जोड़ा गया।