आप की अंदरूनी कलह को भुनाने की हो सकती है कोशिश, 11 में से 10 ब्लॉक प्रधानों के इस्तीफे से बढ़ी है हलचल
मनुपाल शर्मा, जालंधर
विधानसभा क्षेत्र जालंधर कैंट में आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर पैदा हुई Unrest ने नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाओं को जन्म दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस घटनाक्रम को अपने पक्ष में भुनाने की रणनीति पर काम कर रही है और संभवत: नए सप्ताह के पूर्वाध में ही कैंट विधानसभा क्षेत्र में कुछ राजनीतिक बदलाव होते नजर आ सकते हैं।
आप की ओर से विधानसभा हलका कैंट के इंचार्ज में किए गए बदलाव के बाद पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आई है। नए इंचार्ज की नियुक्ति के विरोध में 11 ब्लॉक प्रधानों में से 10 के इस्तीफे के घटनाक्रम ने संगठनात्मक असंतोष को और उजागर कर दिया है। इस घटनाक्रम को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आप के लिए एक राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
पिछले करीब साढ़े चार वर्षों के आप सरकार के कार्यकाल के दौरान कैंट के ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय नेतृत्व को पहले जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की चेयरपर्सनशिप से हटाया गया और अब हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी भी बदल दी गई है। लगातार हुए इन बदलावों से जुड़े नेताओं और समर्थकों में नाराजगी हुई और जिसका नतीजा 10 इस्तीफों के तौर पर सामने आया। ऐसे में पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं और स्थानीय संगठन की भूमिका आने वाले दिनों में अहम हो सकती है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक भाजपा इस असंतोष के राजनीतिक प्रभाव का आकलन कर रही है। कैंट क्षेत्र में पहले से सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुभव तथा स्थानीय संपर्कों को अपने पक्ष में करना पार्टी के लिए संभावित रणनीतिक विकल्प हो सकता है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक किसी संभावित उम्मीदवार या राजनीतिक समझौते को लेकर पत्ते नहीं खोले गए हैं।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आप नेतृत्व असंतुष्ट नेताओं को मनाने में सफल होता है या पार्टी के भीतर की यह नाराजगी कैंट विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरणों का रास्ता खोलती है। अगर भाजपा साढ़े चार वर्ष के अनुभव और उपलब्धियों को साधने में सफल हो जाती है तो निसंदेह यह घटनाक्रम अन्य राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवारों के लिए चुनौती जरूर पैदा करेगा।