भारत इंफो, जालंधर
वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता, विभिन्न देशों के बीच जारी युद्धों और आर्थिक मंदी की आशंकाओं के चलते निर्यात उद्योग पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि, उत्पादन लागत बढ़ने और माल ढुलाई यानी फ्रेट चार्ज महंगे होने से निर्यातकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
लेदर इंडस्ट्री से जुड़े निर्यातकों एवं रघु एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन प्रवीण कुमार ने केंद्र सरकार से उद्योग को संकट से उबारने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज देने और नीतिगत सहयोग की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता के कारण निर्यातकों के लिए भविष्य की कारोबारी योजनाएं बनाना, लागत का आकलन करना और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखना कठिन हो गया है। कच्चे माल की ऊंची कीमतों और बढ़ते फ्रेट चार्ज से कारोबार की लागत में भारी इजाफा हुआ है।
प्रवीण कुमार के मुताबिक, युद्धों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का असर सप्लाई चेन, परिवहन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच पर भी पड़ रहा है। यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो उद्योग के सामने चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।
उन्होंने सरकार से अपील की कि निर्यातकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष आर्थिक पैकेज, लागत में राहत और कारोबार को स्थिर बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के बीच भारतीय निर्यात उद्योग को मजबूती मिल सके।