पंजाब में एक दिन में पराली जलाने के 584 मामले
दिल्ली का AQI वेरी पुअर; मनजिंदर सिरसा और बलतेज पन्नू के बीच जुबानी जंग तेज
मनुपाल शर्मा, चंडीगढ़/दिल्ली
विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले पंजाब से लेकर दिल्ली तक अब पराली के धुएं पर सियासत होती नजर आ रही है। पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में तेजी और दिल्ली में बिगड़ती हवा ने भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ा दिया है। 3 नवंबर को पंजाब में पराली जलाने की 584 घटनाएं दर्ज की गईं। इसके साथ 15 सितंबर से अब तक कुल मामले 2,196 हो गए हैं। उधर, दिल्ली का औसत AQI ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में जा पहुंचा है। यह 287 दिनों में राजधानी की सबसे खराब वायु गुणवत्ता थी। जहांगीरपुरी में AQI 462 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है। दिल्ली के 57 निगरानी केंद्रों में से 10 पर हवा की स्थिति गंभीर पाई गई।
देश चला रही भाजपा के नेता पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर नाकामी के आरोप लगा रहे हैं तो पंजाब की सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार की तरफ से इसे पंजाब के किसानों को बदनाम करने की कोशिश बताया जा रहा है। हालांकि पंजाब के शहर भी प्रदूषण से अछूते नहीं रहे। खन्ना में AQI 292, पटियाला में 210 और लुधियाना में 201 दर्ज किया गया। जालंधर में 150 और अमृतसर में 114 रहा। इस तरह प्रदूषण का असर पंजाब से लेकर राष्ट्रीय राजधानी तक दिखाई दे रहा है।
2027 चुनाव से पहले प्रदूषण पर सियासी लड़ाई
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदूषण का मुद्दा भाजपा और AAP के बीच राजनीतिक बहस का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। भाजपा इसे पंजाब सरकार की विफलता बता रही है, जबकि AAP दिल्ली सरकार को वाहनों, उद्योगों और निर्माण कार्यों से होने वाले प्रदूषण के लिए जवाबदेह ठहरा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली की खराब हवा के लिए पराली के साथ वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण कार्यों की धूल और मौसम की परिस्थितियां भी जिम्मेदार हैं।
सिरसा ने पंजाब सरकार को घेरा
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भगवंत मान सरकार पर पराली जलाने की घटनाएं रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस के कर्मचारी भी खेतों में आग लगाने की घटनाओं में शामिल हैं। उन्होंने पंजाब सरकार की कार्रवाई और पराली प्रबंधन के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने 271 FIR दर्ज होने के बावजूद एक हजार से अधिक घटनाओं का हवाला देते हुए पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
बलतेज पन्नू का पलटवार—किसानों को बदनाम करना बंद करे भाजपा
AAP पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने सिरसा को पंजाब आकर पराली प्रबंधन का जमीनी काम देखने की चुनौती दी।पन्नू के मुताबिक, संसद में पेश आंकड़ों के अनुसार पिछले साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में 80 प्रतिशत कमी आई थी और राज्य में पराली प्रबंधन के लिए 21 हजार से अधिक मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि किसान पराली की गांठें बनाकर उन्हें CNG, कार्डबोर्ड और अन्य औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली इकाइयों को बेच रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर पराली प्रबंधन के आर्थिक बोझ में राज्य का साथ नहीं देने का आरोप भी लगाया।