धार्मिक स्वतंत्रता और अंतिम संस्कार के अधिकारों पर पाकिस्तान के रुख पर उठाए सवाल, कोविड काल की घटनाओं को लेकर रिपोर्ट की निष्पक्षता पर भी जताई आपत्ति
भारत इंफो, नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को लेकर पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। भारत ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया कि वह अपने यहां कमजोर और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने में विफल रहा है, जबकि भारत को धार्मिक स्वतंत्रता, अंतिम संस्कार के अधिकारों और अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार को लेकर उपदेश देने की कोशिश करता है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव भविका मंगलानंदन ने धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के अधिकार पर विशेष प्रतिवेदक के साथ संवाद के दौरान भारत का पक्ष रखा। यह चर्चा असाधारण परिस्थितियों में अंतिम संस्कार के अधिकारों से संबंधित रिपोर्ट पर केंद्रित थी।
मंगलानंदन ने रिपोर्ट के दृष्टिकोण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान धार्मिक आधार पर भेदभाव और अंतिम संस्कार से जुड़े मुद्दों का आकलन करते समय संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने रिपोर्ट में आतंकवादियों के अंतिम संस्कार के अधिकारों की पैरवी किए जाने के पहलू पर भी सवाल उठाए।
विकासशील देशों पर अधिक दोष मढ़ने का आरोप
भारतीय प्रतिनिधि ने आपत्ति जताई कि रिपोर्ट में महामारी के दौरान भेदभावपूर्ण व्यवहार और व्यवस्थागत कमियों के लिए मुख्य रूप से वैश्विक दक्षिण यानी विकासशील देशों को जिम्मेदार ठहराने का रुझान दिखाई देता है, जबकि विकसित देशों में सामने आई इसी तरह की त्रासदियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।