भारत इंफो : पंजाब रोडवेज ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (पीआरटीसी) के चंडीगढ़ डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। अधिकारियों और यूनियन के बीच हुई बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम न निकलने के कारण अब गुरुवार यानी तीसरे दिन भी इस हड़ताल के जारी रहने की पूरी संभावना बन गई है। इस चक्का जाम के कारण डिपो की लगभग 250 बसें अपने रूट पर नहीं निकल सकीं। बसों का संचालन पूरी तरह से ठप्प होने के कारण अपने गंतव्य की ओर जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कंडक्टर की बर्खास्तगी है विवाद की मुख्य वजह
इस हड़ताल का मुख्य कारण एक कंडक्टर के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई है। जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ डिपो के एक कंडक्टर पर अड्डा फीस सही तरीके से जमा न करवाने का आरोप लगा था। यूनियन का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए कंडक्टर का पक्ष सुने बिना ही सीधे उसका अनुबंध समाप्त कर दिया और उसे ड्यूटी से निकाल दिया। इस एकतरफा कार्रवाई के विरोध में पीआरटीसी चंडीगढ़ डिपो यूनियन आक्रोशित हो गई और उसने कामकाज ठप्प करने का फैसला लिया।
अधिकारियों और यूनियन के बीच बातचीत रही बेनतीजा
विवाद सुलझाने के लिए यूनियन के नेता रणजीत बावा और अन्य प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में यूनियन की ओर से कंडक्टर को दोबारा ड्यूटी पर बहाल करने की पुरजोर मांग रखी गई। हालांकि, प्रशासन और यूनियन के बीच इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बन पाई। बातचीत विफल होने के बाद यूनियन ने मंगलवार दोपहर से ही डिपो की सभी बसों का चक्का जाम कर दिया है और मांगें पूरी होने तक अपना विरोध जारी रखने का स्पष्ट संदेश दिया है।