भारत इंफो : जालंधर के गढ़ा रेलवे क्रॉसिंग पर 900 मीटर लंबे फ्लाईओवर (रोड ओवरब्रिज) का निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा। दुकानदारों ने मौके पर पहुंचकर काम को बीच में ही रुकवा दिया और परियोजना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस फ्लाईओवर का शिलान्यास केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरु नानक पुरा और बस स्टैंड फाटक के पास ₹112.93 करोड़ की लागत वाले दो आरओबी (ROB) प्रोजेक्ट्स के तहत किया था। हालांकि, निर्माण शुरू होते ही इलाके के कारोबारी इसके विरोध में उतर आए हैं।
रोजगार ठप होने की चिंता, 500 परिवारों के रोजी-रोटी का सवाल
व्यापारी एसोसिएशन के प्रेजिडेंट चंदन कुमार और अन्य स्थानीय दुकानदारों ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस जगह पर फ्लाईओवर की कोई आवश्यकता नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि पुल के निर्माण में कम से कम 2 साल का समय लगेगा, जिससे पिछले 60 वर्षों से दुकानदारी कर रहे लगभग 500 परिवारों का पालन-पोषण और रोजगार पूरी तरह ठप हो जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को पहले भी स्थिति दिखाई थी और मांग की थी कि अगर ट्रैफिक की समस्या हल करनी है, तो यहां स्थायी रूप से पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं, न कि पुल बनाया जाए।
शहर की अन्य जगहों का दिया हवाला, प्रोजेक्ट रद्द करने की मांग
दुकानदारों ने चिक-चिक चौक, फुटबॉल चौक और लाडोवाली रोड का उदाहरण देते हुए कहा कि फ्लाईओवर बनने से ट्रैफिक कम होने की बजाय समस्या और ज्यादा बढ़ जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्थानीय निवासियों ने कभी इस पुल की मांग ही नहीं की, तो प्रशासन किसके फायदे के लिए इसे बना रहा है। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि शिलान्यास केवल फोटो खिंचवाने के लिए किया गया था। दुकानदारों ने भाजपा और रेल मंत्रालय से इस प्रोजेक्ट को तुरंत प्रभाव से रोकने और रद्द करने की पुरजोर अपील की है।