Tuesday, September 15, 2026
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पंजाब कांग्रेस प्रधानगी विवाद: भूपेश बघेल बोले- ‘जो होना था हो गया

भारत इंफो : पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही सियासी बयानबाजी और अटकलों पर अब पार्टी हाईकमान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। दिल्ली में लगातार चल रहे बैठकों के दौर के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने किसी भी तरह के बदलाव की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है।

प्रधान बदलना गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं

बुधवार को कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के आवास पर हुई एक अहम बैठक के बाद भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत की। जब उनसे पंजाब कांग्रेस की प्रधानगी में बदलाव या किसी नए फॉर्मूले को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बेहद सख्त लहजे में स्पष्ट किया कि जो फैसला लिया जाना था, वह पहले ही लिया जा चुका है। उन्होंने दो-टूक कहा कि प्रधान बदलना कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है। बघेल के इस कड़े बयान को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे धड़े के लिए एक साफ संदेश माना जा रहा है कि पार्टी अपने पुराने फैसले पर ही कायम रहेगी।

दिल्ली में मुलाकातों और मंथन का दौर

बघेल के बयान से भले ही अध्यक्ष पद के विवाद पर विराम लग गया हो, लेकिन दिल्ली में सियासी मंथन अब भी जारी है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलकर पंजाब के सियासी हालातों पर गहन चर्चा की थी। इसके बाद के. सी. वेणुगोपाल के साथ भी रणनीतिक विचार-विमर्श किया गया। इसी कड़ी में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा को अचानक दिल्ली बुलाया गया, जिसने राजनीतिक सरगर्मियों को और बढ़ा दिया है।

बाजवा की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

प्रताप सिंह बाजवा ने के. सी. वेणुगोपाल के आवास पर हुई इस अहम बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि, बैठक से बाहर आने के बाद उन्होंने मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी। पत्रकारों के सवालों से बचते हुए उन्होंने केवल इतना कहा कि वह इस मुद्दे पर बाद में बात करेंगे। बाजवा की इस चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले समय में प्रताप सिंह बाजवा की मुलाकात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से होती है या नहीं। फिलहाल, भूपेश बघेल के स्पष्ट संदेश के बावजूद दिल्ली में चल रही इन लगातार बैठकों और वरिष्ठ नेताओं की आवाजाही के कारण पंजाब कांग्रेस के संगठन को लेकर सस्पेंस पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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