भारत इंफो : जालंधर के भार्गव कैंप इलाके में एक महिला के साथ सरेआम हुई बेरहमी और मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए विचलित करने वाले वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के बाद, पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
यह पूरा विवाद एक घरेलू शिकायत से शुरू हुआ था, जहां प्रिया नामक महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस दल जब आरोपी रोहित के खिलाफ कार्रवाई करने पहुँचा, तो वहां स्थिति हिंसक हो गई। पुलिसकर्मियों ने न केवल रोहित के साथ मारपीट की, बल्कि बीच-बचाव करने आई उसकी बुजुर्ग मां के साथ भी अमानवीय व्यवहार किया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पुलिसिया बर्बरता की पोल
घटना का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, उसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने बुजुर्ग महिला पर हाथ उठाया और उसे बालों से पकड़कर सड़क पर दूर तक घसीटा।
पुलिस की इस शर्मनाक हरकत के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला उच्च अधिकारियों और महिला आयोग के संज्ञान में आ गया। विभाग ने प्राथमिक जांच में पुलिसकर्मियों के व्यवहार को अनुचित और मर्यादा के खिलाफ पाते हुए उन्हें ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन भेजने का आदेश जारी कर दिया।
पंजाब राज्य महिला आयोग ने लिया कड़ा संज्ञान
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष राज लाली ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। आयोग ने इस घटना का सूटो-मोटो (स्वयं संज्ञान) नोटिस लेते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों का घोर उल्लंघन करार दिया है। आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में महिलाओं के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार सहन नहीं किया जाएगा और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
24 मार्च को पेशी और निष्पक्ष जांच के आदेश
महिला आयोग ने पुलिस प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को आदेश जारी किया है कि वे इस केस से जुड़े तमाम दस्तावेजों, साक्ष्यों और अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ 24 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे आयोग के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।