भारत इंफो : जालंधर जिला केमिस्ट एसोसिएशन (जेडीसीए) की एक उच्च स्तरीय बैठक पंजाब राज्य फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन सुशील के. बांसल के साथ आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य फार्मेसी व्यवसाय से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों पर चर्चा करना और इस क्षेत्र की बेहतरी के लिए भविष्य की रूपरेखा तैयार करना था।
बैठक में जेडीसीए के प्रधान सुनील डांग, महासचिव कपिल अरोड़ा, और ऑर्गनाइजिंग सचिव जसविंदर पॉल ने प्रमुखता से अपनी बात रखी। इस अवसर पर नवांशहर के प्रधान सतनाम कुमार पनेसर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
फार्मेसी क्षेत्र में सहयोग और विकास पर जोर
बैठक के दौरान फार्मेसी क्षेत्र के विकास और केमिस्टों के हितों के संरक्षण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। चेयरमैन सुशील के. बांसल और जेडीसीए के प्रतिनिधियों के बीच इस बात पर पूर्ण सहमति बनी कि भविष्य में काउंसिल और एसोसिएशन मिलकर काम करेंगे ताकि फार्मेसी व्यवसाय को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जा सके। दोनों पक्षों ने माना कि आपसी तालमेल से न केवल केमिस्टों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में भी सुधार आएगा।
डी.फार्मा सुधारों की सराहना और आभार व्यक्त
जेडीसीए की टीम ने चेयरमैन सुशील बांसल द्वारा फार्मेसी काउंसिल के माध्यम से किए जा रहे सकारात्मक कार्यों की जमकर प्रशंसा की। विशेष रूप से डी.फार्मा पाठ्यक्रम और इसकी कार्यप्रणाली में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों के लिए एसोसिएशन ने चेयरमैन का आभार व्यक्त किया। पदाधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से नए आने वाले फार्मासिस्टों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और क्षेत्र में व्यावसायिकता बढ़ेगी।
सकारात्मक बदलाव की नई उम्मीद
इस संवाद के अंत में जेडीसीए के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बैठक में लिए गए निर्णयों का जमीन पर सकारात्मक असर जल्द ही दिखाई देगा। चेयरमैन बांसल ने भी एसोसिएशन को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों और सुझावों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।