भारत इंफो : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और गृहमंत्री अमित शाह के बीच दिल्ली में आज मीटिंग हुई। इस मीटिंग के दौरान मुख्यमंत्री मान ने पंजाब के रुके हुए रूरल डवलपमेंट फंड (RDF) का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने गृहमंत्री को अवगत कराया कि केंद्र सरकार के पास पंजाब का लगभग 8500 करोड़ रुपये का RDF बकाया है। इस बड़ी राशि के रुकने के कारण राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत और मंडियों के बुनियादी ढांचे के विकास में बाधा आ रही है।
फंड रिलीज करने के लिए जल्द होगी उच्चस्तरीय बैठक
मुख्यमंत्री की मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार इस विषय पर जल्द ही एक विशेष बैठक बुलाएगी। गृहमंत्री ने भरोसा दिलाया कि पंजाब की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बकाया फंड की पहली किश्त जल्द ही रिलीज कर दी जाएगी। इस फंड के मिलने से पंजाब के ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी और किसानों के लिए मंडियों में सुविधाएं बेहतर की जा सकेंगी।
अधिकारियों के कोटे पर सीएम मान का सख्त रुख
फंड के अलावा मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ प्रशासन में पंजाब के अधिकारियों के हक का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम के अनुसार चंडीगढ़ में 60 प्रतिशत अधिकारी पंजाब से और 40 प्रतिशत हरियाणा से होने चाहिए, लेकिन पिछले कुछ समय से इस अनुपात में बदलाव देखा जा रहा है। सीएम मान ने इस बात पर चिंता जताई कि कई महत्वपूर्ण पदों पर यूटी (केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के अधिकारियों को लगाया जा रहा है, जो कि स्थापित परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने इस व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने और पुराने अनुपात को मेंटेन करने की मांग की।
सीड एक्ट पर भी जताया विरोध
भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी तरफ से गृह मंत्री से निवेदन किया है कि सीड एक्ट को सांसद में ना लाया जाए, इससे पंजाब का नुकसान होगा, हमने इस पर विरोध जाहिर किया है, क्योंकि पंजाब में कृषि करके किसान कुछ फसल बीज के तौर पर रख लेते हैं। अगर कंपनी कहेगी कि बीज हमारे पास से लेना है तो यह सही नहीं है। इस लिए हमने विरोध किया है।