केजरीवाल, सिसोदिया और जैन पर पंजाब का 50 हजार करोड़ लूटने का आरोप
लैंड पूलिंग योजना रद्द होने से पंजाब की 1.50 लाख करोड़ रुपये की लूट होने से बची: प्रताप सिंह बाजवा
ईडी और सीबीआई के जरिए विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश करेगी भाजपा, कांग्रेस कार्यकर्ता डटकर मुकाबला करें
झोटा सहित तीन मृतकों के अंतिम संस्कार में पुलिस की रोक पर परगट ने उठाए सवाल
भारत इंफो, चंडीगढ़
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परगट सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भाजपा में शामिल हो रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब आम आदमी पार्टी के उन नेताओं के लिए नया ठिकाना बनती जा रही है, जिनके खिलाफ पंजाब में गंभीर सवाल उठते रहे हैं। कांग्रेस को ऐसे किसी भी ‘खराब और बेकार सामान’ की जरूरत नहीं है।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि वह पहले ही कह चुके हैं कि आम आदमी पार्टी रेत की दीवार है और एक-दो ईंटें खिसकने से सारी दीवार धराशायी होने वाली है। अभी तो तीन नेता ही गए हैं, आने वाले दिनों में बहुत सारे और जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन गूंगे विधायकों और नेताओं को कांग्रेस को कोई जरूरत नहीं है। माइनिंग और अन्य काम करने वाले यह सारे लोग भाजपा में ही जाएंगे।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में कुंवर विजय प्रताप सिंह को पोस्टर बॉय बनाकर पेश किया, लेकिन लगभग पौने पांच साल तक उन्हें खुलकर बोलने और काम करने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं विधायक रहे कुंवर विजय प्रताप सिंह से भी सवाल किया कि वह मौड़ बम धमाके के मामले में अब तक हुई कार्रवाई और जांच के नतीजों पर पंजाब की जनता को जवाब दें। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा में जा रहे नेताओं को अपने पिछले कार्यकाल और उठे सवालों का जवाब देना चाहिए। कुंवर बताएं कि अगर भाजपा ने अकाली दल के साथ गठबंधन किया तो उनका स्टेंड क्या होगा। तब वह क्या बोलेंगे।
उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता लगभग पौने पांच साल तक सत्ता में रहकर चुप्पी साधे बैठे रहे, वे अब भाजपा में जाकर किस तरह अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं? उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता इन नेताओं से उनके कार्यकाल का हिसाब मांग रही है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में जिस राजनीतिक मॉडल को पेश किया था, उसी मॉडल को पंजाब में भी लागू किया गया। पंजाबियों के स्वाभिमान और राजनीतिक नेतृत्व को दरकिनार कर सत्ता पर नियंत्रण दिल्ली से चलाने की कोशिश की गई। अब अरविंद केजरीवाल पंजाब से अपना नियंत्रण समेटकर पीछे हट रहे हैं, लेकिन इसका राजनीतिक जवाब मुख्यमंत्री भगवंत मान को देना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद को शहीद-ए-आजम भगत सिंह का वारिस बताते थे, उन्हें बताना चाहिए कि सत्ता में आने के बाद उन्होंने भगत सिंह के आदर्शों और पंजाब के हितों के लिए क्या किया।
ईडी और सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ने लगती है। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा इन एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों पर दबाव बनाने और उन्हें अपने पाले में लाने के लिए कर सकती है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी दबाव या डर के आगे न झुकें और ईडी तथा सीबीआई के कथित राजनीतिक दुरुपयोग के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएं।
परगट सिंह और बाजवा ने आरोप लगाया कि दिल्ली से आए अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन ने पंजाब आकर सत्ता का इस्तेमाल किया और पंजाब में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लूट करके सभी भाग गए हैं। अगर 65 हजार एकड़ जमीन से जुड़ी लैंड पूलिंग योजना रद्द नहीं होती तो पंजाब का करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये की लूट और होती। मुख्यमंत्री मान सबसे भ्रष्ट साबित हुए हैं। पंजाब के हालात खराब पर चिंता जताते हुए परगट सिंह ने कहा कि तीन लाशें शवगृह में पड़ी हैं, परमिंदर सिंह झोटा, दलजीत सिंह और अजय कुमार का संस्कार नहीं करने दिया जा रहा है। पंजाब पुलिस को परिवार पर इतना ज्यादा प्रेशर है कि पंजाब में ऐसे हालात कभी देखे नहीं होंगे।