सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदायों पर पड़ेगा असर; धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सरकार के फैसले का विरोध शुरू
भारत इंफो, मॉन्ट्रियल
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में धार्मिक प्रतीकों को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। प्रांत की नई Parti Québécois (PQ) सरकार अब प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों के धार्मिक प्रतीक पहनने पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। इसके दायरे में सिख बच्चों की पगड़ी, मुस्लिम बच्चों का हिजाब और नकाब तथा यहूदी बच्चों की किप्पा सहित अन्य धार्मिक प्रतीक आ सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्यूबेक के शिक्षा मंत्री जोएल आर्सेनो ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के धार्मिक प्रतीक पहनने पर प्रतिबंध सरकार के एजेंडे का हिस्सा है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा। अक्टूबर में सत्ता में आई PQ ने चुनावी घोषणापत्र में भी इस प्रतिबंध का वादा किया था। हालांकि, संबंधित विधेयक कब विधानसभा में पेश होगा, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
इस फैसले का सबसे अधिक असर सिख, मुस्लिम और यहूदी समुदायों के बच्चों पर पड़ने की आशंका है। नेशनल काउंसिल ऑफ कैनेडियन मुस्लिम्स और अन्य धार्मिक संगठनों ने इसका विरोध करते हुए इसे बच्चों की धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार के खिलाफ बताया है। कनाडा की सिविल लिबर्टीज एसोसिएशन ने भी सरकार की इस पहल की आलोचना की है।गौरतलब है कि क्यूबेक में 2019 से लागू बिल-21 के तहत शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों, न्यायाधीशों और कुछ अन्य सरकारी पदों पर कार्यरत लोगों के धार्मिक प्रतीक पहनने पर पहले ही प्रतिबंध है। बाद में स्कूलों में भी इन पाबंदियों का दायरा बढ़ाया गया। बिल-21 को लेकर मामला कनाडा के सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। अब सरकार की नई पहल के बाद धार्मिक स्वतंत्रता, धर्मनिरपेक्षता और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को लेकर कनाडा में नई बहस छिड़ गई है।