2 नवंबर से चार्टर्ड उड़ानों पर रोक, 11 हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने जताई असहमति; बदरीनाथ हादसे में छह लोगों की हुई थी मौत
भारत इंफो, देहरादून
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के लिए संचालित चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाएं सोमवार से बंद हो गई हैं। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से प्रत्येक हेलीकॉप्टर उड़ान में दो पायलट (co pilot) अनिवार्य करने के फैसले के विरोध में हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने सेवाएं निलंबित करने का निर्णय लिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 में से 11 हेलीकॉप्टर ऑपरेटरों ने 31 अक्टूबर को DGCA को संयुक्त पत्र भेजकर इस फैसले पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना है कि अतिरिक्त पायलट की नियुक्ति, वेतन, आवास और अन्य परिचालन खर्चों से सेवाएं चलाना आर्थिक रूप से मुश्किल हो जाएगा। ऑपरेटरों ने अधिकारियों से निर्णय की समीक्षा कर व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है।
दरअसल, 30 अक्टूबर को उत्तराखंड के चमोली जिले में बदरीनाथ से देहरादून लौट रहा एक हेलीकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट सहित सभी छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद DGCA ने 2 नवंबर से चारधाम क्षेत्र की सभी चार्टर्ड हेलीकॉप्टर उड़ानों में दो पायलटों की तैनाती अनिवार्य कर दी। सह-पायलट के लिए भी पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान का अनुभव और योग्यता जरूरी होगी।
नए सुरक्षा निर्देशों के तहत प्रत्येक उड़ान से पहले देहरादून के सहस्रधारा कंट्रोल रूम से मार्ग और गंतव्य की मंजूरी लेनी होगी। वहीं, हर लैंडिंग के बाद पायलटों को मौसम और उड़ान परिस्थितियों से संबंधित रिपोर्ट भी जमा करानी होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, चार्टर्ड सेवाएं बंद होने से पहले से बुकिंग करा चुके यात्रियों को भी परेशानी हो सकती है। हालांकि, केदारनाथ की नियमित शटल हेलीकॉप्टर सेवाएं जारी रहने की जानकारी दी गई है। चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में इस फैसले से उन श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं, जिन्होंने यात्रा के लिए चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग कराई थी।