रामपुर में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई; यूनिवर्सिटी के निर्माण में ₹426.46 करोड़ की रकम का स्रोत नहीं बता सका ट्रस्ट
भारत इंफो, रामपुर
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अटैच कर लिया। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट तथा अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। आजम खान इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मानद चांसलर हैं तथा फिलहाल जेल में बंद हैं।
ED की जांच के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 59 इमारतों के निर्माण की लागत का आकलन जिला मूल्यांकन अधिकारी ने 10 नवंबर 2023 की अपनी रिपोर्ट में 494.46 करोड़ रुपये किया था। वहीं, यूनिवर्सिटी के लिए 114 बिक्री विलेखों के माध्यम से हासिल की गई जमीन का मूल्य 4.63 करोड़ रुपये आंका गया था। जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी परिसर के निर्माण पर खर्च हुई कुल रकम में से केवल 72.63 करोड़ रुपये के स्रोत वैध बताए गए। ED के मुताबिक, शेष 426.46 करोड़ रुपये की रकम का स्रोत ट्रस्ट के पदाधिकारी संतोषजनक तरीके से स्पष्ट नहीं कर सके। एजेंसी ने इस रकम को अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) बताया है। ED ने इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये बताया गया है।
26 एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी जांच
ED ने इस मामले में रामपुर के अजीम नगर थाने में दर्ज 26 एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। इन मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। शिकायतों में आरोप था कि यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की कृषि भूमि पर कथित तौर पर जबरन कब्जा किया गया। एजेंसी की कार्रवाई का केंद्र यूनिवर्सिटी के निर्माण में खर्च हुई रकम के स्रोत और जमीन अधिग्रहण से जुड़े आरोप हैं। मामले में जांच जारी रहने के बीच संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है।