मनुपाल शर्मा, जालंधर : जालंधर की राजनीति में आम आदमी पार्टी (आप) के एक फैसले ने नगर निगम और विधानसभा की राजनीति के बीच नई बहस छेड़ दी है। नगर निगम जालंधर के मेयर विनीत धीर को आम आदमी पार्टी ने जालंधर नॉर्थ विधानसभा हलके का प्रभारी भी बना दिया है। यही घटनाक्रम अब एक अहम सवाल खड़ा कर रहा है-विनीत धीर की प्राथमिकता जालंधर शहर होगा या जालंधर नॉर्थ विधानसभा हलका?

नगर निगम के मेयर का दायित्व किसी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं होता। शहर के सभी वार्डों में सड़कें, सफाई व्यवस्था, सीवरेज, बरसाती पानी की निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और अन्य नागरिक सुविधाओं की निगरानी मेयर की व्यापक जिम्मेदारी का हिस्सा होती है। ऐसे में जब वही व्यक्ति किसी एक विधानसभा हलके का राजनीतिक प्रभारी भी हो, तो स्वाभाविक रूप से उसकी भूमिका को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा होना तय है।
हलका प्रभारी की भूमिका ने बढ़ाई राजनीतिक सक्रियता
वनीत धीर के नॉर्थ हलके में सक्रिय होने के संकेत अब जमीन पर भी दिखाई देने लगे हैं। अगस्त में उनके द्वारा नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न सड़क परियोजनाओं की शुरुआत किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। अब उन्होंने हलके में अपना कार्यालय भी विधिवत तौर पर स्थापित कर दिया है।

ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में नॉर्थ हलके में उनकी राजनीतिक गतिविधियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं और क्या उनकी भूमिका केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी तक सीमित रहती है या फिर 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इसे व्यापक राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जाता है।
हलका प्रभारियों को भविष्य में विधानसभा टिकट मिलने की चर्चा पंजाब की राजनीति में अकसर होती रही है, लेकिन वनीत धीर को टिकट मिलेगा या नहीं, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे राजनीतिक संभावनाओं और अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जालंधर नॉर्थ से जुड़े पूर्व आप हलका प्रभारी दिनेश ढल्ल का भाजपा में जाना पहले ही स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन चुका है। अब नॉर्थ में पार्टी का आधार मजबूत करना, पुराने कार्यकर्ताओं को साथ रखना और नए राजनीतिक समीकरण बनाना वनीत धीर के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी।
नॉर्थ की राजनीति और सेंट्रल की कड़ी
इस पूरे घटनाक्रम में जालंधर सेंट्रल विधानसभा हलका भी अप्रत्यक्ष रूप से चर्चा में आ रहा है। आप ने पहले ही प्रमुख कारोबारी नितिन कोहली को जालंधर सेंट्रल का हलका प्रभारी बनाया हुआ है। कोहली मई 2025 में आप में शामिल हुए थे और पार्टी ने उन्हें सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी थी। वनीत धीर और नितिन कोहली के बीच करीबी निजी और राजनीतिक संबंधों की चर्चा भी स्थानीय स्तर पर होती रही है। निजी संबंध है तो मेयर को सेंट्रल हलके के विकास की जिम्मेदारी पर भी गंभीरता से काम करना पड़ेगा।
मेयर और हलका प्रभारी की भूमिका के बीच संतुलन बनाना ही परीक्षा
अब असली परीक्षा यह होगी कि मेयर के रूप में वनीत धीर पूरे जालंधर के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और नॉर्थ हलके के पार्टी प्रभारी के रूप में अपनी राजनीतिक भूमिका के बीच किस तरह संतुलन बनाते हैं।

क्योंकि मेयर की कुर्सी पूरे शहर की होती है, जबकि हलका प्रभारी की जिम्मेदारी एक विधानसभा क्षेत्र तक सीमित होती है।
यही वजह है कि जालंधर की राजनीति में आने वाले दिनों में सबसे ज्यादा चर्चा शायद इसी सवाल की रहेगी कि वनीत धीर शहर के मेयर की जिम्मेदारी निभाएंगे या नॉर्थ के संभावित राजनीतिक चेहरे के रूप में ज्यादा सक्रिय होंगे? इसका जवाब उनके अगले कुछ महीनों की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से ही स्पष्ट होगा। लेकिन एक बात तय है कि संतुलन बिगड़ा तो इसका सीधा असर वनीत धीर के राजनीतिक भविष्य पर जरूर पड़ेगा।