भारत इंफो : आयकर विभाग, उत्तर पश्चिम क्षेत्र की ओर से 18 सितंबर 2026 को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), जी.टी. रोड, फगवाड़ा में एक दिवसीय ‘आयकर चिंतन शिविर’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य टैक्स कानूनों में हालिया बदलावों, अनुपालन से जुड़े प्रावधानों और वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के व्यावहारिक अनुभवों से प्रतिभागियों को अवगत कराना था। शिविर में आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, पेशेवरों और आमंत्रित अतिथियों ने हिस्सा लिया।
CBDT सदस्य प्रसेनजीत सिंह रहे मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में सीबीडीटी, नई दिल्ली के माननीय सदस्य प्रसेनजीत सिंह, आई.आर.एस. मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ उत्तर पश्चिम क्षेत्र, चंडीगढ़ के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मयंक प्रियदर्शी तथा क्षेत्र में तैनात आयकर विभाग के अन्य मुख्य आयुक्त और प्रधान आयुक्त भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत जालंधर के अधिकारियों द्वारा अतिथियों के स्वागत और सरस्वती वंदना के साथ हुई।
टैक्स ऑडिट और आयुर्वेद-योग पर हुए विशेष सत्र
शिविर के दौरान टैक्स ऑडिट और कर अनुपालन से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। सीए प्रक्षित अग्रवाल ने ‘इनकम-टैक्स रूल्स, 2026’ के तहत नई टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की बारीकियों और प्रमुख अनुपालन प्रावधानों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।

इसके अलावा पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार के डॉ. आचार्य बालकृष्ण ने ‘आरोग्यम’ सत्र के दौरान आयुर्वेद और योग के महत्व पर विचार रखे। उन्होंने मानसिक संतुलन, शारीरिक कल्याण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में आयुर्वेद एवं योग की भूमिका पर प्रकाश डाला।
तथ्य और कानून के अंतर पर तकनीकी प्रस्तुति
शाम के सत्र में सीए रोहित कपूर ने ‘न्यूआंसेज ऑफ द फैक्ट-लॉ डिवाइडेड: फ्रॉम केसिंग्स ऑफ फैक्ट टू केसिंग्स ऑफ लॉ’ विषय पर तकनीकी प्रस्तुति दी। इस दौरान तथ्य और कानून के बीच अंतर, कानूनी व्याख्या तथा विभागीय कार्रवाई, आकलन और अपील की प्रक्रिया में इसके महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके बाद वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों की एक पैनल चर्चा आयोजित हुई। इसमें पेशेवर चुनौतियों और प्रभावी निर्णय लेने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
विदेशी संपत्तियों के प्रकटीकरण को लेकर आउटरीच कार्यक्रम
कार्यक्रम के समापन से पहले आयकर विभाग की ओर से लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में मुख्य आयकर आयुक्त, अमृतसर के नेतृत्व में ‘फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम, 2026’ को लेकर विशेष आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान छोटे करदाताओं को विदेशी परिसंपत्तियों के प्रकटीकरण से संबंधित योजना के दायरे, आवश्यक दस्तावेजों, निर्धारित समय-सीमा और संबंधित पोर्टल के माध्यम से घोषणा प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही स्वैच्छिक प्रकटीकरण के माध्यम से कर देनदारी और जुर्माने से संबंधित प्रावधानों को समझाया गया।
आयकर विभाग के अनुसार, ‘आयकर चिंतन शिविर’ का उद्देश्य पेशेवर ज्ञान को बढ़ावा देने, कर कानूनों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद स्थापित करने और करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन की संस्कृति को मजबूत करना रहा।