भारत इंफो : जालंधर नगर निगम में सफाई कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। नगर निगम प्रशासन की पहली मंजिल पर धरना दे रहे सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने 370 कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी और अन्य मांगों को लेकर निगम प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी श्री राम चौक पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब सरकार का पुतला फूंका।
सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता बंटू सभ्रवाल ने नगर निगम प्रशासन और पंजाब सरकार पर कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सोमवार तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो शहर में सफाई, कूड़े की लिफ्टिंग और सीवरेज से जुड़े काम पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे।
370 कर्मचारियों की सैलरी को लेकर तीसरे दिन भी धरना
बंटू सभ्रवाल ने कहा कि 370 कर्मचारियों की सैलरी रुकी हुई है और इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारी पिछले तीन दिनों से नगर निगम में धरना दे रहे हैं। उनका आरोप है कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की समस्या का समाधान नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और ड्राइवर दिन-रात शहर की व्यवस्था संभालने में काम करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। बंटू सभ्रवाल ने निगम कमिश्नर के उस कथित बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें शहरवासियों की सुविधाओं का ध्यान रखने की बात कही गई थी।
कमिश्नर पर लगाया दलित विरोधी होने का आरोप
सफाई कर्मचारी यूनियन नेता ने निगम कमिश्नर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘दलित विरोधी’ बताया। हालांकि, यह यूनियन नेता का आरोप है। उन्होंने कहा कि अगर निगम के अधिकारियों को अपने ही कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी की जानकारी नहीं है तो यह कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। नगर निगम में कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। उन्होंने सरकार और निगम प्रशासन से कर्मचारियों की लंबित सैलरी समेत अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा की बेअदबी को लेकर भी रोष
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मचारी यूनियन ने होशियारपुर में डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा की कथित बेअदबी के मामले को लेकर भी नाराजगी जताई। यूनियन नेताओं का कहना है कि घटना के बाद दलित समाज में रोष है।
बंटू सभ्रवाल के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर डीसी, एसएसपी और पुलिस कमिश्नर के साथ बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन यूनियन का आरोप है कि धरातल पर अब तक ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही। इसी मुद्दे को लेकर भी कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए श्री राम चौक पर पुतला फूंका।
2022 के वादों को लेकर सरकार पर निशाना
यूनियन नेता ने पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि 2022 में सत्ता में आने से पहले कर्मचारियों से कई तरह के आश्वासन दिए गए थे और कहा गया था कि उन्हें अपने अधिकारों के लिए धरने या हड़ताल का रास्ता नहीं अपनाना पड़ेगा। मौजूदा समय में पंजाब में अलग-अलग कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। यूनियन ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
सोमवार से शहर में सफाई व्यवस्था ठप करने की चेतावनी
सफाई कर्मचारी यूनियन ने अब नगर निगम प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है। बंटू सभ्रवाल ने कहा कि अगर 370 कर्मचारियों की लंबित सैलरी और अन्य मांगों का समाधान नहीं हुआ तो शहर में सफाई व्यवस्था, कूड़े की लिफ्टिंग और सीवरेज का काम पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ऐसे में सोमवार से पहले नगर निगम प्रशासन और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच बातचीत और मांगों के समाधान पर नजर रहेगी। अगर हड़ताल शुरू होती है तो इसका सीधा असर जालंधर की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है।