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जालंधर में कांग्रेस का हल्ला बोल, DC ऑफिस के गेट पर चढ़े कार्यकर्ता; गुलजार सिंह के परिवार के लिए मांगा इंसाफ

भारत इंफो : संगरूर के 50 वर्षीय गुलजार सिंह के परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर जालंधर में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने डीसी दफ्तर के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक कर्मचारियों ने दफ्तर के मुख्य गेट बंद कर दिए और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस स्थिति में आक्रोशित कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता बंद गेट फांदकर अंदर घुसने का प्रयास करने लगे, हालांकि मौके पर मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने उन्हें भीतर जाने से रोक दिया।

बंद गेट पर चढ़कर कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब कई कांग्रेसी कार्यकर्ता बंद गेट पर ही चढ़ गए और आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। गेट के दूसरी तरफ सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मुस्तैद रहा और किसी को भी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। कुछ देर के हंगामे के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शांतिमय ढंग से अपनी मांग रखते हुए पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगाई।

सरकार और वित्त मंत्री पर विधायक बावा हैनरी का हमला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधायक बावा हैनरी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और अन्ना हजारे ने आंदोलन के समय युवाओं को सवाल पूछने का नारा दिया था, लेकिन आज पंजाब की आप सरकार में सवाल पूछने पर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संगरूर में एक व्यक्ति ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा से नशे के मुद्दे पर सवाल किया, तो उसके साथ पंचायत और स्थानीय नेताओं द्वारा गलत व्यवहार किया गया और अब पूरे परिवार को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मांग की कि मामले में भले ही 5 लोगों पर केस दर्ज हुआ है, लेकिन असल जिम्मेदार वित्त मंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

जानिए क्या है संगरूर का पूरा विवाद
दरअसल यह पूरा मामला संगरूर के दिड़बा का है, जहां तुर बंजारा गांव में वित्त मंत्री हरपाल चीमा के सामने 50 साल के गुलजार सिंह ने इलाके में बिक रहे नशे का मुद्दा उठाया था। आरोप है कि इसके बाद पुलिस गुलजार के घर पहुंच गई, जिससे आहत होकर उन्होंने सल्फाज खाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद दिड़बा थाना पुलिस ने गांव के सरपंच समेत 5 लोगों के खिलाफ खुदकुशी के लिए उकसाने, प्रताड़ना और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।

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