भारत इंफो : स्थानीय सुरजीत हॉकी स्टेडियम, बर्ल्टन पार्क में राष्ट्रीय खेल दिवस और महान हॉकी खिलाड़ी ओलंपियन मेजर ध्यान चंद के 121वें जन्म दिवस के अवसर पर सुरजीत हॉकी सोसायटी द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में जालंधर के डिप्टी कमिश्नर और सुरजीत हॉकी सोसायटी के अध्यक्ष वरजीत सिंह वालिया (IAS) ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान सुरजीत हॉकी अकादमी से जुड़े 100 उभरते और जरूरतमंद युवा खिलाड़ियों को खेल किटें बांटी गईं, जिससे युवा एथलीटों के चेहरे खिल उठे।
युवा खेलों को बनाएं जीवन का हिस्सा: DC वालिया
मुख्य अतिथि डीसी वरजीत सिंह वालिया ने सभी खिलाड़ियों को खेल किट प्रदान करते हुए राष्ट्रीय खेल दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनमें अनुशासन, टीम भावना और जिम्मेदारी का संचार करते हैं। मेजर ध्यान चंद के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर उन्होंने देश का नाम विश्व स्तर पर रोशन किया। डीसी ने जोर देकर कहा कि जालंधर को दुनिया भर में ‘हॉकी की नर्सरी’ के रूप में जाना जाता है, और इस महान विरासत को बनाए रखने के लिए नए खिलाड़ियों को हर संभव सहायता देना हमारी जिम्मेदारी है।
सोसायटी ने 100 प्रतिभाओं को दिया सहारा
समारोह के दौरान डिप्टी कमिश्नर, सोसायटी के पदाधिकारियों, कोचों और खिलाड़ियों ने मिलकर केक काटा और हॉकी के ‘जादूगर’ को याद किया। सुरजीत हॉकी सोसायटी के कार्यकारी अध्यक्ष लेख राज नैय्यर ने बताया कि किट वितरण का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को निखारना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना है। वहीं सोसायटी के सी.ई.ओ. इकबाल सिंह संधू ने बताया कि यह खेल किटें पंजाब सरकार के खेल विभाग और जौहल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. बी.एस. जौहल के विशेष सहयोग से उपलब्ध करवाई गई हैं।
खेल जगत की हस्तियों की रही मौजूदगी
इस गरिमामयी आयोजन में कार्यकारी अध्यक्ष लखविंदरपाल सिंह खैरा, महासचिव सुरिंदर सिंह भापा, मानद सचिव रणबीर सिंह टूट, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम प्रताप, ओलंपियन राजिंदर सिंह, गौरव अग्रवाल और करनदीप सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इनके अलावा हॉकी कोच परदीप कौर, बिंदु, सीता देवी सहित कई अन्य कोच, गणमान्य नागरिक, युवा खिलाड़ी और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे, जिन्होंने जालंधर की हॉकी परंपरा को और मजबूत करने का संकल्प लिया।