भारत इंफो : खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर बुधवार को चंडीगढ़ में निकाले गए प्रदर्शन मार्च के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चंडीगढ़ पुलिस ने वारिस पंजाब दे से जुड़े विधायक मनप्रीत सिंह आयली समेत 15 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश की गई।
मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े थे प्रदर्शनकारी
पुलिस के अनुसार करीब 2,500 से 3,000 प्रदर्शनकारी गौशाला चौक पर एकत्र हुए और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने लगे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
हथियार लेकर पहुंचने का पुलिस का दावा
FIR में पुलिस ने दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग तलवार, फरसा, कुल्हाड़ी, नेजे और डंडे जैसे हथियारनुमा सामान लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि इससे सुरक्षा व्यवस्था को गंभीर खतरा पैदा हुआ और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
पुलिस की चेतावनी के बावजूद आगे बढ़ने का आरोप
FIR के मुताबिक पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया कि शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति किसी भी प्रकार का मार्च निकालना प्रतिबंधित है। पुलिस ने उन्हें सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की सलाह दी, लेकिन आरोप है कि प्रदर्शनकारी नहीं माने और बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने संबंधित नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।