भारत इंफो : पेपर लीक मामले को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की तबीयत बिगड़ गई है। उन्होंने शनिवार को एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें टाइफाइड हो गया है। उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब संगठन और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।
इधर, शुक्रवार देर रात दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर दी। इससे पहले केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद CJP ने चेतावनी दी थी कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो 20 जुलाई जैसी कार्रवाई दोहराई जाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा संगठन
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्पष्ट कहा कि यदि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो सरकार के साथ बातचीत का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा है और इसी मुद्दे पर संगठन अपना रुख बनाए हुए है।शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे सरकार और CJP के बीच तीसरे दौर की बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट कर सकती है।
मुआवजे और केस वापसी को लेकर भी किया गया दावा
CJP ने शुक्रवार को दावा किया था कि सरकार ने पेपर लीक मामले में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति जताई है। हालांकि, इन दावों पर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।