भारत इंफो : बेअदबी और बहबलकलां गोलीकांड मामले की जांच तेज करते हुए विशेष जांच टीम (SIT) ने पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला को पूछताछ के लिए तलब किया था। आज जालंधर के पीएपी कॉम्प्लेक्स में स्थित एसआईटी कार्यालय में सांपला पेश हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन साथ ही आप सरकार पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का गंभीर आरोप भी लगाया।
जांच प्रक्रिया पर खड़े किए सवाल
मीडिया से बातचीत करते हुए विजय सांपला ने कहा कि इस मामले से भाजपा का कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि उन्हें समन भेजने की प्रक्रिया ही संदिग्ध थी। सांपला के अनुसार, उन्हें समन देने आए अधिकारियों को यह तक जानकारी नहीं थी कि उन्हें किस कार्यालय में पेश होना है। बाद में संपर्क करने पर पता चला कि मामला डीआईजी प्रमोद के अधीन है।
‘2016 में बना था अध्यक्ष, मामले से संबंध नहीं’
सांपला ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि बहबलकलां गोलीकांड 2015 का मामला है, जबकि वे 2016 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने थे। उन्होंने जांच टीम से केस की कॉपी मांगी और पूछा कि आखिर उन्हें किस आधार पर बुलाया गया है। सांपला ने कहा कि उन्होंने उस दौरान अकाली-भाजपा सरकार में राज्यपाल को कई मांग पत्र सौंपे थे, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की पिछली सरकार की तरह मौजूदा सरकार भी राजनीति चमकाने के लिए बार-बार कमेटियां बनाकर उन्हें परेशान कर रही है।
अन्य अधिकारियों की भी हुई है पूछताछ
इस मामले में एसआईटी ने सांपला के अलावा फरीदकोट के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर मालविंदर सिंह जग्गी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पूर्व ओएसडी गगनदीप सिंह बराड़ को भी समन जारी किया था। सांपला ने बताया कि जग्गी और बराड़, जो उस समय प्रशासनिक पदों पर तैनात थे, वे पहले ही कमेटी के समक्ष पेश हो चुके हैं। गौरतलब है कि थाना बाजाखाना में 14 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज हुए इन मामलों ने पंजाब की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित किया है।