भारत इंफो : जालंधर में उस समय सनसनी फैल गई जब शहर के करीब 5 से 6 प्रतिष्ठित स्कूलों को एक बेहद गंभीर और डरावना धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस सूचना के मिलते ही एपीजे स्कूल प्रशासन ने तुरंत बच्चों की छुट्टी कर दी और उन्हें सुरक्षित घर भेज दिया। इसी क्रम में बीएसएफ स्कूल को भी एहतियात के तौर पर खाली करवाया गया है। हालांकि, बीएसएफ स्कूल प्रबंधन ने किसी सीधे खतरे से इनकार किया है और इसे केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम बताया है। प्रशासन इस मामले को लेकर काफी गंभीर है और स्कूलों के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।

धमकी में निशाने पर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री
इस पूरे मामले में जो ईमेल सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस ईमेल में केवल स्कूलों को ही नहीं, बल्कि “बीएसएफ खालसा आर्मी कैंट” पर ग्रेनेड हमले की चेतावनी दी गई है। ईमेल भेजने वाले ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए उनकी “अंतिम यात्रा” निकालने की बात लिखी है। इस संदेश ने राजनीतिक गलियारों और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मचा दिया है, जिसके बाद वीवीआईपी सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है।
9 मई तक का अल्टीमेटम
धमकी भरे इस ईमेल में माता-पिता और छात्रों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि 7 से 9 मई तक कोई भी बच्चा स्कूल या कॉलेज न जाए। इसमें “आत्मघाती कार आईईडी” (Suicide Car IED) हमले का भी जिक्र किया गया है, जो किसी बड़ी आतंकी साजिश की ओर इशारा करता है। ईमेल में केवल जालंधर ही नहीं, बल्कि आदमपुर, बाबा बकाला, अमृतसर, जीरा, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब जैसे पंजाब के कई अन्य महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों का भी उल्लेख किया गया है, जिससे पूरे राज्य में पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच
इस विवादास्पद ईमेल में भारत के शीर्ष नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हैं, पर कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करवाने के गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। यह ईमेल किसी शरारती तत्व की हरकत है या किसी गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा, इसकी जांच के लिए पुलिस की साइबर सेल और आतंकवाद विरोधी टीमें सक्रिय हो गई हैं। फिलहाल पूरे जालंधर शहर में चप्पे-चप्पे पर तलाशी ली जा रही है और पुलिस ईमेल के आईपी एड्रेस को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है।