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जिम्बाब्वे के 46वें स्वतंत्रता दिवस पर भव्य समारोह, भारत–जिम्बाब्वे संबंधों पर हुई सार्थक चर्चा

भारत इंफो, नई दिल्ली : जिम्बाब्वे के 46वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिम्बाब्वे की उच्चायुक्त महामहिम स्टेला न्कोमो की ओर से किया गया, जिसमें कूटनीतिक, शैक्षणिक और मीडिया जगत की प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। समारोह का आयोजन नेहरू प्लेस स्थित प्रतिष्ठित एरोस होटल में किया गया, जहां भारत और जिम्बाब्वे के बीच मजबूत होते रिश्तों की झलक देखने को मिली।

जिम्बाब्वे की उच्चायुक्त महामहिम स्टेला न्कोमो के विशेष आमंत्रण पर दि भारत इंफो डाट काम (thebharatinfo.com) के प्रधान संपादक मनुपाल शर्मा विशेष तौर पर समारोह में उपस्थित हुए। उनके साथ देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान खालसा कालेज, अमृतसर के एडमिशन हेड राजीव शर्मा और सौरभ चौधरी भी समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथियों के बीच आपसी संवाद और सहयोग की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

समारोह के दौरान जिम्बाब्वे की उच्चायुक्त स्टेला न्कोमो ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भारत और जिम्बाब्वे के ऐतिहासिक एवं वर्तमान संबंधों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों से मजबूत कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते रहे हैं, जो समय के साथ और अधिक प्रगाढ़ हुए हैं। उन्होंने व्यापार, शिक्षा, कृषि और तकनीकी सहयोग के क्षेत्रों में संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत और जिम्बाब्वे मिलकर विकास के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं।

उच्चायुक्त ने विशेष रूप से शिक्षा क्षेत्र में सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए भारतीय संस्थानों की सराहना की और कहा कि जिम्बाब्वे के छात्र बड़ी संख्या में भारत आकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने इस दिशा में और अधिक साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भी इस विचार का समर्थन किया और दोनों देशों के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ाने की बात कही।

इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक आतिथ्य ने समारोह को और भी आकर्षक बना दिया। मेहमानों ने जिम्बाब्वे की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव किया और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया। कुल मिलाकर यह आयोजन न केवल जिम्बाब्वे के स्वतंत्रता दिवस का उत्सव था, बल्कि भारत और जिम्बाब्वे के बीच बढ़ते सहयोग और मित्रता का भी प्रतीक बनकर सामने आया। उच्चायोग की टूरिज्म अटैची सोफिया ने मनुपाल शर्मा के साथ बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब के साथ भी टूरिज्म को बढ़ावा दिए जाने को लेकर विचार किया जाएगा।

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