भारत इंफो : पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा पेश किया गया विश्वासमत सर्वसम्मति से पास हो गया। इस दौरान कांग्रेस, बीजेपी और अकाली दल के विधायक सदन में मौजूद नहीं रहे। सीएम ने कहा कि वह इस प्रस्ताव की कॉपी राष्ट्रपति को सौंपेंगे।
सीएम मान ने कहा कि आजकल अफवाहों का बाजार गर्म है और निगेटिव खबरें तेजी से फैलती हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार पूरी तरह स्थिर है और विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम में कोई सच्चाई नहीं है।
सांसदों के जाने से बढ़ी सियासी हलचल
पंजाब में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी ने सात राज्यसभा सांसद बनाए थे। इनमें से छह राघव चड्ढा, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह और राजिंदर गुप्तापार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। इसके बाद AAP को विधायकों की संभावित टूट को लेकर चिंता बढ़ी है।
जालंधर में बुलाई गई विधायक बैठक
सांसदों के पार्टी छोड़ने और संभावित बगावत के बीच AAP के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने जालंधर में विधायकों की बैठक बुलाई। इस बैठक में 94 में से 65 विधायक ही पहुंचे। 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 59 है। ऐसे में मौजूदा स्थिति में सरकार के पास पर्याप्त समर्थन है और फिलहाल किसी तरह का खतरा नहीं माना जा रहा है।