भारत इंफो : तरनतारन के गांव चीमा खुर्द में एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहां दो गुटों के आपसी झगड़े को शांत करवाने की कोशिश करना एक बेगुनाह व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हुआ। मृतक की पहचान 50 वर्षीय खजान सिंह के रूप में हुई है, जो अपनी मेहनत-मजदूरी से परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
इस हिंसक घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार के साथ मिलकर ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने इस मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
लड़ाई को छुड़वाने गए थे खजान सिंह
दरअसल शनिवार रात करीब 8 बजे जब खजान सिंह अपने घर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के दो गुट आपस में भिड़ गए और कुछ हमलावरों ने सुखमन सिंह व जोबनजीत सिंह पर लोहे के कड़ों से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। खजान सिंह ने मानवता के नाते बीच-बचाव करने की कोशिश की। जिससे हमलावर उस समय तो चले गए।
प्लानिंग के तहत की आरोपियों ने हत्या
लेकिन 20 मिनट बाद वे भारी असलहे के साथ वापस लौटे। हमलावरों ने प्लानिंग करके पहले ट्रांसफार्मर पर ईंट मारकर बिजली काट दी और अंधेरा होते ही अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक गोली खजान सिंह के सिर में लगी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
इस हत्याकांड के विरोध में कांग्रेस के हलका इंचार्ज करनबीर सिंह बुर्ज और ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गुरपाल सिंह जगतपुर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने थाना सराय अमानत खां का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस सरेआम हुई इस हत्या को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है और दोषियों की गिरफ्तारी में सुस्ती बरत रही है।