loader-image
Jalandhar, IN
temperature icon 30°C
Breaking News

*’मुझसे डरती है जालंधर की लीडरशिप’, पूर्व भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती राजपूत का अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला

भारत इंफो : भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर जहां एक ओर पार्टी उत्सव मना रही है, वहीं जालंधर में पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष आरती राजपूत ने एक विस्फोटक वीडियो जारी कर पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को सार्वजनिक कर दिया है। आरती राजपूत ने पिछले दो वर्षों की अपनी चुप्पी तोड़ते हुए जालंधर भाजपा की स्थानीय लीडरशिप पर उन्हें षड्यंत्र के तहत बाहर निकालने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2024 के चुनावों के दौरान यह भ्रम फैलाया गया कि वे टिकट न मिलने के कारण पार्टी छोड़कर गई थीं, जबकि सच्चाई यह है कि उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत किनारे किया गया था। आरती ने सीधे तौर पर अशोक सरीन हिक्की और शैली खन्ना का नाम लेते हुए उन पर गंभीर व्यक्तिगत और राजनीतिक आरोप मढ़े हैं।

स्थानीय नेतृत्व और कार्यशैली पर कड़े सवाल
आरती राजपूत ने जिला अध्यक्ष की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें इगो की भावना प्रबल है और उन्हें महिला कार्यकर्ताओं से बात करने की तमीज तक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जालंधर में भाजपा की सरकार न बन पाने के पीछे यही कुछ स्वार्थी नेता जिम्मेदार हैं, जिनके कारण जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। आरती के अनुसार, जिला अध्यक्ष पार्टी के प्रति प्रेम दिखाने के बजाय केवल अपनी व्यक्तिगत लीडरशिप को चमकाने में लगे हुए हैं, जिससे पार्टी के ग्राफ को नुकसान पहुँच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समाजसेवी बैकग्राउंड और कड़ी मेहनत से मिली लोकप्रियता से स्थानीय नेता असुरक्षित महसूस करने लगे थे।

महिला मोर्चा की उपलब्धियां और षड्यंत्र का दावा
अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए आरती राजपूत ने बताया कि जब उन्होंने महिला मोर्चा की कमान संभाली थी, तब जिला पंजाब में 13वें नंबर पर था, जिसे वे अपनी मेहनत से पहले नंबर पर लेकर आई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी इसी सफलता के बाद उनके खिलाफ साजिशें रची गईं। आरती ने दावा किया कि पार्टी के कुछ बड़े नेताओं ने ही उनके दिमाग में चुनाव लड़ने की बात डाली और उन्हें अपना रेस्टोरेंट छोड़कर सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार के लिए प्रेरित किया, लेकिन बाद में मीटिंग्स में उनका मजाक उड़ाया गया। उन्होंने बताया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनसे इस्तीफा लिखवाया गया और उसके मात्र एक घंटे के भीतर ही नई अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गई, जिससे स्पष्ट होता है कि उन्हें हटाने की तैयारी पहले से ही मुकम्मल थी।

वरिष्ठ नेताओं की नीतियों पर उठाए सवाल
वरिष्ठ भाजपा नेता मनोरंजन कालिया को आड़े हाथों लेते हुए आरती राजपूत ने पार्टी की नीतियों और ‘स्टैंड’ पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर कालिया दावा करते हैं कि पार्टी छोड़कर जाने वालों की वापसी नहीं होती, तो दूसरी ओर शीतल अंगुराल जैसे नेताओं की वापसी किस आधार पर कराई गई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो महामंत्री कांग्रेस में चले गए थे, उन्हें दोबारा भाजपा में क्यों शामिल किया गया। आरती का कहना है कि पार्टी का कोई निश्चित स्टैंड नहीं है और स्थानीय लीडरशिप उनके प्रभाव से इस कदर डरी हुई है कि वे उनकी वापसी के रास्ते बंद कर रहे हैं। उन्होंने साफ किया कि वे भाजपा की विचारधारा का समर्थन करती रहेंगी, लेकिन इन नेताओं की मनमानी के खिलाफ उनकी आवाज जारी रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *