भारत इंफो : क्रिकेट जगत में भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है, जिसके चलते बांग्लादेश सरकार ने देश में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वहां के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अगले आदेश तक आईपीएल के किसी भी मैच का प्रचार, प्रसारण या पुन: प्रसारण नहीं किया जाएगा।
सरकार का यह कड़ा रुख भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम से बाहर करने के फैसले के बाद सामने आया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में इस निर्णय को बांग्लादेश की जनता के लिए अपमानजनक, दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह से निंदनीय करार दिया है।
मुस्तफिजुर को हटाने के पीछे की वजह
दरअसल, कोलकाता नाइट राइडर्स ने 3 जनवरी को मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से बाहर करने का निर्णय लिया था। इस फैसले के पीछे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा एक बड़ा कारण बनकर उभरी है। खबरों के अनुसार, पिछले 16 दिनों में बांग्लादेश में 4 हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है, जिसके विरोध में भारत में मुस्तफिजुर को टीम से हटाने की मांग तेज हो रही थी।
इसी स्थिति को देखते हुए बीसीसीआई ने शाहरुख खान की टीम केकेआर को मुस्तफिजुर को हटाने का आदेश दिया था। बांग्लादेश सरकार का तर्क है कि इस निष्कासन के पीछे कोई ठोस या तार्किक कारण नहीं था, जबकि जमीनी हकीकत बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और उसके खेल पर पड़ने वाले असर को दर्शाती है।
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में दरार
यह विवाद केवल आईपीएल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी इसके काले बादल मंडराने लगे हैं। आईपीएल बैन से ठीक एक दिन पहले, रविवार 4 जनवरी को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भारत में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी टीम भेजने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया था।
बीसीबी ने आईसीसी से आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया है कि सुरक्षा और मौजूदा हालातों के मद्देनजर उनके मैच भारत के बजाय श्रीलंका में आयोजित किए जाएं। बीसीबी द्वारा जारी मीडिया रिलीज में इस बात की पुष्टि की गई है, जो यह स्पष्ट करता है कि दोनों देशों के बीच खेल संबंध अब कूटनीतिक विवादों की भेंट चढ़ रहे हैं।