भारत इंफो : पाकिस्तान में एक दर्दनाक घटना ने वहां की कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑस्ट्रेलिया की 9 वर्षीय हानिया अहमद अपने परिवार के साथ पाकिस्तान घूमने आई थी, लेकिन यह यात्रा एक भयावह हादसे में बदल गई। बुधवार को परिवार किराए की कार में सफर कर रहा था, तभी बदमाशों ने उनके साथ लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।
लुटेरे फरार, निशाने पर आ गया परिवार
वारदात के बाद बाइक सवार संदिग्धों को देखकर पुलिस ने उनका पीछा शुरू किया। बताया जा रहा है कि लुटेरे तो मौके से भाग निकले, लेकिन इसी दौरान हानिया का परिवार अपनी कार में वहां से निकलने लगा। पुलिस ने कथित तौर पर उनकी गाड़ी को संदिग्ध समझ लिया और फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से हानिया की मौत हो गई, जबकि उसके पिता और बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। उसकी मां सुरक्षित बच गई।
पुलिस ने मानी गलती
घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि परिवार की कार को गलती से अपराधियों की गाड़ी समझ लिया गया था। इसी गलत पहचान के कारण फायरिंग हुई, जिसने एक मासूम की जान ले ली। मामले में गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
पर्यटन और सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इस हादसे ने पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। सवाल उठ रहे हैं कि जब अपराधी भागने में सफल हो गए, तो निर्दोष परिवार पुलिस कार्रवाई का शिकार कैसे बन गया।
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने मांगी पारदर्शी जांच
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले पीड़ित परिवार और फिर दुनिया को यह पता चलना चाहिए कि आखिर यह त्रासदी कैसे हुई। उधर ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है।