भारत इंफो : श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि श्री दरबार साहिब अमृतसर का गलियारा, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो—इन तीनों स्थानों को अब आधिकारिक तौर पर ‘पवित्र शहर (Holy City)’ घोषित किया जाएगा।
पवित्र शहर का दर्जा मिलने के बाद क्या बदलेगा?
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन शहरों में अब मीट, शराब, तंबाकू तथा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों से संबंधित दुकानों की अनुमति नहीं होगी।
पवित्र शहर का दर्जा मिलने के साथ ही धार्मिक वातावरण और मर्यादा बनाए रखने के लिए विशेष नियम लागू किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा “श्री हरमंदिर साहिब का गलियारा हमेशा से पवित्र रहा है, लेकिन किसी भी पूर्व सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से ‘पवित्र शहर’ घोषित नहीं किया था। हमारी सरकार इस अहम फैसला को अमल में ला रही है।”
यह फैसला क्यों है महत्वपूर्ण?
- पंजाब की तीन प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक नगरियों को अब कानूनी संरक्षण मिलेगा।
- धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
- आध्यात्मिक महत्व वाले इन क्षेत्रों में कड़े नियम लागू किए जा सकेंगे।
- स्थानीय प्रशासन को विशेष निगरानी और प्रबंधन का अधिकार मिलेगा।
सिख समुदाय की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी
सिख समुदाय लंबे समय से इन पवित्र स्थलों को आधिकारिक सम्मान मिलने की मांग कर रहा था।
सरकार के इस निर्णय को धार्मिक भावनाओं के सम्मान और परंपराओं की रक्षा की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।