भारत इंफो : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गया है। इस भू-राजनीतिक संकट की आंच अब दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश तक पहुंच चुकी है। दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी कंपनी अरामको पर हमला किया गया है।
सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हमला
मिडल ईस्ट में जारी संघर्ष ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच भड़की जंग की आग अब सऊदी अरब की तेल संपत्तियों तक पहुँच गई है। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी दिग्गज तेल कंपनी ‘अरामको’ को सोमवार को अपनी रास तनुरा रिफाइनरी में कामकाज पूरी तरह ठप करना पड़ा है।
यह कदम वहां हुए संदिग्ध ड्रोन हमलों के बाद उठाया गया है। बता दें कि रास तनुरा सऊदी अरब की सबसे महत्वपूर्ण रिफाइनरी मानी जाती है, जिसकी क्षमता प्रतिदिन 5,50,000 बैरल कच्चे तेल को रिफाइन करने की है। इसके बंद होने से ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारी बोले स्थिति नियंत्रण में
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें अरामको की इस विशाल रिफाइनरी से काले धुएं का गहरा गुबार आसमान की ओर उठता दिखाई दे रहा है। इन दृश्यों ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है।
हालांकि, स्थिति पर सफाई देते हुए कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि ड्रोन हमले के बाद एहतियात के तौर पर रिफाइनरी को शटडाउन किया गया है। अधिकारी का दावा है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और हमले के बाद लगी आग को सफलतापूर्वक बुझा लिया गया है। इस हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक जांच जारी है।