भारत इंफो : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल ऑफिस ने अवैध आप्रवासन और मानव तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘डंकी रूट’ नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। 18 और 19 दिसंबर को ईडी की टीमों ने पंजाब, हरियाणा और नई दिल्ली के कुल 13 रणनीतिक ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह पूरी कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन की गहन जांच के तहत की गई है, जिससे कबूतरबाजी के इस काले कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
करोड़ों की नकदी और भारी मात्रा में चांदी-सोना बरामद
इस छापेमारी के दौरान ईडी के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है, जहाँ अधिकारियों ने भारी मात्रा में बेहिसाबी संपत्ति जब्त की। जांच टीम ने अलग-अलग ठिकानों से कुल 4.68 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। इसके साथ ही 5.9 किलोग्राम वजन की सोने की छड़ें, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 8.07 करोड़ रुपये आंकी गई है, को भी कब्जे में लिया गया। कार्रवाई में चांदी का भी भारी भंडार मिला है, जिसमें करीब 313 किलोग्राम चांदी की छड़ें शामिल हैं जिनकी कीमत लगभग 6.42 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा सोने के सिक्के भी जब्त किए गए हैं, जो इस अवैध नेटवर्क की विशाल कमाई को दर्शाते हैं।
डिजिटल साक्ष्यों और संदिग्ध दस्तावेजों का जखीरा
तलाशी के दौरान केवल संपत्ति ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर डिजिटल साक्ष्य भी ईडी के हाथ लगे हैं। जांच दल ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड डिस्क जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया है। इन उपकरणों के माध्यम से हवाला लेन-देन, विदेशी संपर्कों और मनी लॉन्ड्रिंग के गुप्त रास्तों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही कई ऐसे आपत्तिजनक दस्तावेज और रिकॉर्ड भी मिले हैं, जो सीधे तौर पर उन एजेंटों की भूमिका को स्पष्ट करते हैं जो लोगों को अवैध रास्तों से विदेश भेजने का लालच देकर मोटी रकम वसूलते थे।
50 से अधिक मूल पासपोर्ट की बरामदगी ने खोले गंभीर राज
इस पूरे अभियान में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब विभिन्न ठिकानों से 50 से अधिक असली पासपोर्ट बरामद किए गए। इन पासपोर्टों का मिलना इस बात का पुख्ता संकेत है कि यह सिंडिकेट फर्जी दस्तावेजों या अवैध तरीकों से लोगों को सीमा पार कराने का संगठित गिरोह चला रहा था। ईडी अब इन पासपोर्टों के धारकों की पहचान कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं और इसमें किन प्रभावशाली लोगों का हाथ हो सकता है।
PMLA कानून के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के कड़े प्रावधानों के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है और जब्त किए गए दस्तावेजों व डिजिटल उपकरणों के विश्लेषण के बाद आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। अवैध आप्रवासन से जुड़े इस वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह से जड़ से खत्म करने के लिए एजेंसी अब उन एजेंटों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है जो पर्दे के पीछे से इस गिरोह का संचालन कर रहे हैं।