भारत इंफो : पंजाब में नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसका एक चिंताजनक उदाहरण जालंधर से सामने आया है, जहां शहर के वीवीआईपी इलाके में दो युवक कथित तौर पर नशे की हालत में सरेआम झूमते हुए दिखाई दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर नशे के बढ़ते कारोबार और इसके दुष्प्रभावों को लेकर बहस छेड़ दी है।
अलास्का चौक के पास कैमरे में कैद हुए युवक
जानकारी के अनुसार यह मामला जालंधर के अलास्का चौक के पास एक पार्क के सामने का है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दो युवक सड़क किनारे बेहद असामान्य हालत में खड़े दिखाई दिए। राहगीरों का दावा है कि दोनों ने किसी खतरनाक नशे का सेवन किया हुआ था, जिसके चलते उनका शरीर पूरी तरह असंतुलित नजर आ रहा था।
वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों युवक खड़े-खड़े ही झूम रहे थे और उन्हें अपने आसपास की परिस्थितियों का भी कोई खास अहसास नहीं था। उनकी हालत ऐसी प्रतीत हो रही थी मानो वे होश खो चुके हों।
राहगीरों ने जताई चिंता
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि युवकों की शारीरिक और मानसिक स्थिति बेहद खराब दिखाई दे रही थी। नशे के प्रभाव के कारण वे सामान्य रूप से प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं थे। यह दृश्य देखकर राहगीरों ने चिंता व्यक्त की और कहा कि शहर में नशे की समस्या लगातार विकराल रूप धारण करती जा रही है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
घटना का सबसे अहम पहलू यह है कि जिस स्थान पर यह मामला सामने आया, वहां से पुलिस कमिश्नर का कार्यालय महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ऐसे संवेदनशील और व्यस्त इलाके में इस तरह की घटनाओं का सामने आना पुलिस गश्त और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जालंधर में नशे से जुड़े वीडियो पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। कुछ समय पहले रेलवे स्टेशन के आसपास से भी एक युवक का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह नशे की हालत में लड़खड़ाता हुआ दिखाई दिया था। उस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई और सख्ती के दावे किए थे, लेकिन ताजा वीडियो ने एक बार फिर उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नशे पर सख्ती की मांग
ताजा घटना के बाद लोगों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन से नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए केवल दावे नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि पंजाब की युवा पीढ़ी को इस गंभीर समस्या से बाहर निकाला जा सके।