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सड़कें जाम होने और बसों का परिचालन प्रभावित होना संभव
सुबह 6 से शाम 5 बजे तक बंद का आह्वान; कई संगठनों का समर्थन, लेकिन राज्यव्यापी सरकारी छुट्टी घोषित नहीं
एसजीपीसी के कार्यालय और शिक्षण संस्थान रहेंगे बंद
जालंधर के कई निजी शैक्षणिक संस्थाओं की तरफ से भी छुट्टी की घोषणा
भारत इंफो, जालंधर
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में गुरुवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। झोटा के पिता भीम सिंह, जो पूर्व सैनिक हैं, ने परिवार की ओर से गठित 21 सदस्यीय एक्शन कमेटी की सहमति से सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बंद की अपील की है। कई राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और अन्य संस्थाओं ने बंद को समर्थन दिया है।
बंद के दौरान विभिन्न जिलों में सड़क यातायात, बाजारों और व्यावसायिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अपने कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठानों को बंद रखने की घोषणा की है। वहीं, कुछ परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
पंजाब सरकार की ओर से राज्यव्यापी सार्वजनिक अवकाश या सभी स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने का कोई सामान्य आदेश घोषित नहीं किया गया है। हालांकि जालंधर के कई निजी शैक्षणिक संस्थाओं की तरफ से अवकाश रखने संबंधी परिजनों को सूचित किया गया है। रेल सेवाओं को लेकर भी राज्यव्यापी रेल नाकाबंदी की पुष्टि नहीं हुई है। विभिन्न संगठनों की ओर से मुख्य सड़कों और राजमार्गों पर धरने देने तथा रास्ते रोकने की चेतावनी दी गई है। सिरसा-लुधियाना मुख्य मार्ग को लेकर भी बंद की घोषणा सामने आई है।
बस सेवाओं पर पड़ सकता है असर
पंजाब रोडवेज पनबस पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की तरफ से बंद के दौरान गेट रैलियां करने की घोषणा की गई है और साथ ही में कर्मचारियों को कहा गया है कि जहां भी बसों को रोका जाता है, तत्काल बसों का संचालन रोक दिया जाए। यही वजह है कि बंद के समर्थन और सड़क जाम की आशंका के चलते सरकारी और निजी बस सेवाओं का परिचालन प्रभावित हो सकता है। मोगा, बरनाला, मानसा और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को देरी और मार्ग परिवर्तन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मानसा की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस ने पहले ही बैरिकेडिंग की है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। हालांकि, पूरे पंजाब में बस सेवाएं बंद रखने का कोई व्यापक सरकारी अथवा आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है। बंद के आह्वान के दौरान आपातकालीन सेवाएं चालू रखने की अपील भी की गई है।