भारत इंफो, चंडीगढ़ : कांग्रेस के गुरदासपुर से लोकसभा सांसद और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अरविंद केजरीवाल को सीधे संबोधित करते हुए कहा है कि जब सरकारी एजेंसियां दरवाजे पर पहुंचती हैं तो लोकतंत्र खतरे में नजर आता है, लेकिन पंजाब में विपक्ष को दबाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाए तो उसे किस तरह जायज ठहराया जा सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने लिखा है कि जब कर्मचारी और शिक्षक अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं तो उन्हें पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, विपक्ष सरकार से सवाल करता है तो उसके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं। जब खुद जवाब देने की बारी आती है तो पूरी सरकार पंजाब के लिए ढाल बनकर खड़ी हो जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को लंबित महंगाई भत्ता (DA) देने की बात आती है तो सरकारी खजाना खाली बताया जाता है, लेकिन सरकार के आत्मप्रचार पर खर्च करने के लिए सरकारी धन की कोई कमी नहीं दिखाई देती।
उन्होंने कहा कि सरकार से जवाबदेही मांगना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है और पंजाब के सवाल उठाना किसी भी तरह पंजाब से विश्वासघात नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि‘दूसरों से जवाब मांगना राजनीति, अपना हिसाब देना भी जिम्मेदारी’। दूसरों से जवाब मांगना अगर राजनीति है तो अपने काम का हिसाब देना भी सरकार की जिम्मेदारी है।