भारत इंफो : पंजाब में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। बढ़ती डिमांड के बीच अब रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद होने से बिजली संकट और गहरा गया है। बिजली उत्पादन में कमी के चलते पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को मांग पूरी करने के लिए केंद्रीय पूल से अधिक बिजली खरीदनी पड़ रही है।
रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद
मंगलवार को रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट पूरी तरह बंद हो गए। इन दोनों यूनिटों की कुल उत्पादन क्षमता करीब 420 मेगावाट है। यूनिट बंद होने का सीधा असर पंजाब में उपलब्ध बिजली पर पड़ा है और पावरकॉम की केंद्रीय पूल पर निर्भरता बढ़ गई है।
रोपड़ प्लांट के बाकी दो यूनिट भी अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक बिजली का उत्पादन नहीं कर रहे हैं। एक यूनिट से करीब 133 मेगावाट, जबकि दूसरे यूनिट से महज 65 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
पहले निजी थर्मल प्लांटों ने बढ़ाई थी परेशानी
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से तलवंडी साबो और राजपुरा स्थित निजी थर्मल प्लांटों के कुछ यूनिट तकनीकी खामियों के कारण बंद थे। इन यूनिटों के बंद रहने से राज्य में बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ और बिजली की मांग पूरी करने में पावरकॉम को परेशानी का सामना करना पड़ा। अब निजी थर्मल प्लांटों के बंद यूनिट दोबारा चालू हो चुके हैं, लेकिन रोपड़ सरकारी थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद होने से बिजली संकट पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
16 हजार मेगावाट के पार बिजली की डिमांड
पंजाब में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट से ऊपर बनी हुई है। गर्मी और बढ़ती बिजली खपत के बीच इतनी अधिक डिमांड को पूरा करने के लिए राज्य को अपने थर्मल प्लांटों के साथ-साथ केंद्रीय पूल से भी बिजली खरीदनी पड़ रही है। रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद होने और बाकी दो यूनिटों से कम उत्पादन के कारण आने वाले समय में बिजली आपूर्ति पर दबाव बना रह सकता है। अब सबकी नजरें इन बंद यूनिटों को दोबारा चालू करने और उत्पादन क्षमता सामान्य होने पर टिकी हैं।