भारत इंफो : पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और लगातार बढ़ती गुटबाजी को लेकर कांग्रेस हाईकमान ने अब बेहद कड़ा रुख अपना लिया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल को बीती रात अचानक दिल्ली तलब किया है। भूपेश बघेल अपना पंजाब दौरा पूरा करने के बाद रायपुर वापस लौट चुके थे, लेकिन आलाकमान के सख्त निर्देश के बाद उन्हें तुरंत दिल्ली का रुख करना पड़ा।
चन्नी और वड़िंग विवाद पर रिपोर्ट तलब
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच पनपे विवाद को लेकर गंभीर हैं। इसी सिलसिले में वे भूपेश बघेल से राज्य की राजनीतिक स्थिति और गुटबाजी की विस्तृत रिपोर्ट मांगेंगे। भूपेश बघेल ने अपने हालिया पांच दिवसीय पंजाब दौरे के दौरान पार्टी के कई नेताओं और विभिन्न गुटों से मुलाकात कर जमीनी फीडबैक लिया था। ऐसी खबरें हैं कि राहुल गांधी राज्य में स्थिति को संभालने के मौजूदा तरीकों से संतुष्ट नहीं हैं, जिसके चलते यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।
बाजवा भी पहुंचे दिल्ली, रणनीति पर होगा मंथन
इस अहम घटनाक्रम के बीच पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात करने की प्रबल संभावना है। भूपेश बघेल के पंजाब दौरे का मुख्य उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना और जिला स्तर के नेताओं से संवाद स्थापित करना था, लेकिन सबसे अधिक चर्चा उनके और पार्टी के नाराज गुट के बीच हुई बैठक की रही।
फिलहाल, कांग्रेस पार्टी की तरफ से इस पूरे घटनाक्रम और बैठकों के दौर पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में आलाकमान के साथ होने वाली इस अहम बैठक के बाद ही पंजाब कांग्रेस को लेकर भविष्य की सख्त रणनीति तय की जा सकती है।