-मिट्टी की मजबूती और भार वहन क्षमता की होगी जांच
भारत इंफो : जालंधर शहर के लोगों को लंबे समय से रेलवे फाटकों पर लगने वाले जाम और बार-बार क्रॉसिंग बंद होने की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे की ओर से गुरु नानकपुरा और गढ़ा रोड रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सॉइल टेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जालंधर-दिल्ली रेल खंड पर स्थित गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग के दोनों ओर रेलवे इंजीनियरों की निगरानी में खुदाई का कार्य आरंभ किया गया है। इस दौरान लगभग 10 से 12 स्थानों से मिट्टी के नमूने लिए जाएंगे। इन नमूनों की जांच के माध्यम से मिट्टी की मजबूती और भार वहन क्षमता का आकलन किया जाएगा, जिससे प्रस्तावित ओवरब्रिज की डिजाइन और संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार गुरु नानकपुरा क्षेत्र में सॉइल टेस्टिंग का कार्य पूरा होने के बाद यही टीम गढ़ा रोड रेलवे क्रॉसिंग पर भी मिट्टी के नमूने लेकर परीक्षण करेगी। दोनों स्थानों पर परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगामी निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
गौरतलब है कि गुरु नानकपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। वर्ष 2020 में भी रेलवे की ओर से इस क्षेत्र में सॉइल टेस्टिंग करवाई गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से परियोजना पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया था।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि रेलवे फाटक बार-बार बंद होने के कारण गुरु नानकपुरा, चुगिट्टी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ओवरब्रिज बनने से यातायात व्यवस्था सुचारु होगी और लोगों का समय भी बचेगा।
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परियोजना को गति देने के लिए पंजाब सरकार और संबंधित विभागों का सहयोग आवश्यक होगा। निर्माण स्थल पर मौजूद बिजली के खंभों, तारों, पेड़ों, सीवरेज लाइनों तथा अन्य अवरोधों को हटाए जाने के बाद ही निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी लाई जा सकेगी।
ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में शुरू हुई यह प्रक्रिया क्षेत्रवासियों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है और अब सभी की निगाहें परियोजना के अगले चरणों पर टिकी हुई हैं।