भारत इंफो : चीन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित एक इंटरव्यू में यह जानकारी सामने आई।
इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर Zhang Heng ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान को तकनीकी सहयोग दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रखना था।
पाकिस्तान इस्तेमाल कर रहा चीन में बने लड़ाकू विमान
रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में निर्मित J-10CE फाइटर जेट का इस्तेमाल करती है। ये लड़ाकू विमान चीन की सरकारी रक्षा कंपनी AVIC की सहायक इकाई द्वारा बनाए जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि चीन और पाकिस्तान के बीच सैन्य सहयोग लगातार गहरा हो रहा है।
भारतीय सेना पहले ही कर चुकी थी दावा
भारत की ओर से इस मुद्दे को पहले भी उठाया जा चुका है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राहुल सिंह ने जुलाई 2025 में दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी। FICCI के एक सेमिनार में बोलते हुए लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने कहा था कि चीन ने इस पूरे ऑपरेशन को “लाइव लैब” की तरह इस्तेमाल किया।
सैटेलाइट नेटवर्क से साझा किए गए इनपुट
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह के मुताबिक चीन ने अपने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों पर नजर रखी और पाकिस्तान को रियल टाइम इनपुट उपलब्ध कराए। उन्होंने चीन की रणनीति की तुलना प्राचीन चीनी सैन्य सिद्धांत “36 रणनीतियां” से करते हुए कहा था कि चीन ने “उधार के चाकू से हत्या” वाली नीति अपनाई और पाकिस्तान को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया।