भारत इंफो : छत्तीसगढ़ के साकती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। मंगलवार दोपहर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट होने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाकी की जान इलाज के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में गई।
अलग-अलग अस्पतालों में तोड़ा दम
घायलों को तुरंत जिला अस्पताल रायगढ़ और रायपुर के कालड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 12 और लोगों ने दम तोड़ दिया। हादसे में कुल 36 मजदूर झुलस गए थे, जिनमें से 18 का अभी भी विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक मृतकों में ठंडाराम, पप्पू कुमार, अमृत लाल पटेल (50) और यूपी के बृजेश कुमार की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
परिजनों का हंगामा, लापता मजदूरों की तलाश
हादसे के बाद प्लांट के बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मुआवजे व सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का कहना है कि कुछ मजदूर अभी भी लापता हैं और प्रबंधन की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी।
वेदांता ने पीड़ित परिवारों के लिए किया मुआवजे का ऐलान
वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपए और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपए सहायता राशि दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से भी मुआवजे की घोषणा की गई है, जिसके तहत मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।