बोले- नहीं चाहते ‘एक और याल्टा’
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा- रूस के साथ युद्ध खत्म करने की बात किए बिना यूरोप की नई सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करना उचित नहीं; यूरोप को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
भारत इंफो, कीव
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रूस और यूरोप के बीच व्यापक सुरक्षा समझौते की संभावित पहल पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि रूस और यूरोप के बीच होने वाला ऐसा कोई समझौता यूरोपीय संघ (EU) के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि रूस जब यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के मुद्दे पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं दिख रहा, तब यूरोप की नई सुरक्षा व्यवस्था बनाने की चर्चा शुरू करना गंभीर चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, इसका खतरा यूक्रेन से भी अधिक यूरोपीय संघ के लिए हो सकता है।
‘हम एक और याल्टा समझौता नहीं चाहते’
जेलेंस्की ने 1945 के याल्टा सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि यूक्रेन नहीं चाहता कि रूस एक बार फिर यूरोप को अपने प्रभाव क्षेत्रों में बांटने की कोशिश करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यूक्रेन इस तरह की व्यवस्था स्वीकार नहीं करेगा। किसी भी स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना जरूरी है। उनका कहना था कि यूक्रेन न तो यूरोपीय संघ का सदस्य है और न ही NATO का, हालांकि वह EU की सदस्यता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके बावजूद यूरोप की सुरक्षा से जुड़े किसी भी फैसले का प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा।
ट्रंप ने रूस के साथ बड़े समझौते के दिए थे संकेत
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव से मुलाकात के बाद कहा था कि रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए एक बड़ा समझौता हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया था कि यह समझौता केवल यूक्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें पूरे यूरोप की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। ट्रंप ने इसे एक बड़ा और महत्वपूर्ण समझौता बताते हुए उम्मीद जताई थी कि इससे सभी पक्ष संतुष्ट होंगे।
पहले युद्धविराम, फिर सुरक्षा व्यवस्था पर बातचीत
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन युद्धविराम और तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस की ओर से अभी तक ऐसे ठोस संकेत नहीं मिले हैं, जिनसे लगे कि वह वास्तव में युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार है। उनके अनुसार, किसी भी नई सुरक्षा व्यवस्था पर विचार करने से पहले युद्ध समाप्त करने और यूक्रेन की संप्रभुता की गारंटी सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस बीच, यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास ने भी स्पष्ट किया है कि यूरोप की सुरक्षा का फैसला रूस अकेले नहीं कर सकता और इस संबंध में यूरोपीय देशों की भागीदारी अनिवार्य है। कुल मिलाकर, रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने की अमेरिकी कोशिशों के बीच जेलेंस्की के बयान से यूरोप की भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अमेरिका, रूस, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच मतभेद एक बार फिर सामने आ गए हैं।